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हिन्‍दी क्षेत्रीय भाषाओं को समाहित कर अग्रसर होती है : प्रो. सरोज राष्‍ट्रीय उष्‍ट्र अनुसंधान केन्‍द्र द्वारा हिन्‍दी पखवाड़े-2021 का समापन

 

बीकानेर 28 सितम्‍बर, 2021 । भाकृअनुप-राष्‍ट्रीय उष्‍ट्र अनुसंधान केन्‍द्रबीकानेर द्वारा आज सायं को 14 सितम्‍बर से प्रारम्‍भ हुए हिन्‍दी पखवाड़े के समापन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्‍य अतिथि के रूप में केन्‍द्रीय शुष्‍क बागवानी संस्‍थानबीकानेर के निदेशक प्रो. पी.एल. सरोज ने कहा कि हिन्‍दी भाषा सभी क्षेत्रीय भाषाओं को सम्मिलित करके आगे बढ़ती है जो कि भाषाई दृष्टिकोण से इसके महत्‍व में अभिवृद्धि करने में महत्‍ती रूप से सहायक है। 

प्रो.सरोज ने कहा कि हमें एक भाषा की किसी दूसरी भाषा से तुलना नहीं करना चाहिए।  हिन्‍दी में कार्य करने से हमारी कार्यशैली भी परिष्‍कृत हो उठेगी।  गठित सविंधान सभा में ह‍िन्‍दी राजभाषा घोषित हुई यह देश प्रेम का उचित उदाहरण है।  अंत में उन्‍होंने कहा कि कृषि वैज्ञानिक के रूप में यह हमारा दायित्‍व है कि हम अपना कार्य हिन्‍दी में करें जिससे किसानों को अधिकाधिक लाभ पहुंचाया जा सके ।
समापन कार्यक्रम में विशिष्‍ट अतिथि के रूप में बोलते हुए डॉ. शालिनी मूलचंदानीप्राचार्यराजकीय स्‍नातकोत्‍तर महाविद्यालयश्री कोलायतबीकानेर ने कहा कि  मानक हिन्‍दी सरलीकरण की ओर दौड़ रही है। परंतु उसमें जीवंतता लाई जानी चाहिएइस क्रम में हमें देशज शब्‍दों का प्रयोग हिन्‍दी के साथ करना होगा।  क क्षेत्र के लोग हिन्‍दी भाषा की शुद्धता का विशेष ध्‍यान रखें।
 केन्‍द्र के निदेशक डॉ.आर्तबन्‍धु साहू ने हिन्‍दी पखवाड़े के अंतर्गत आयोजित प्रतियोगिताओं के सभी विजेताओं को बधाई संप्रेषित की तथा राजभाषा हिन्‍दी के अधिकाधिक प्रयोग हेतु उन्‍हें प्रोत्‍साहित किया। कार्यक्रम के अध्‍यक्ष डॉ.एस.के.घौरूई ने कहा कि हिन्‍दी भाषा जुड़ाव उत्‍पन्‍न करती है। हमें अपनी भाषा को आधिकाधिक महत्‍व देना चाहिए ताकि यह और अधिक समृद्ध हो सके।
इस अवसर पर नोडल अधिकारी राजभाषा डॉ. सुमन्‍त व्‍यास ने अनुभवी वैज्ञानिकों को हिन्‍दी में वैज्ञानिक साहित्‍य में अभिवृद्धि लाने की बात कही। प्रभारी राजभाषा डॉ.मो.मतीन असांरी ने केन्‍द्र की राजभाषा गतिविधियों एवं उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। प्रतियोगिता में विजेता रहे प्रतिभागियों को इस अवसर पर मुख्‍य अतिथि द्वारा पुरस्‍कृत किया गया।





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