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राजस्‍थान केंद्रीय विश्‍वविद्यालय में 14वें स्‍थापना दिवस समारोह का भव्‍य आयोजन गुणवत्ता और उच्च शिक्षा के मानको पर केंद्रीय विश्वविद्यालय राजस्थान ने लहराया परचम : प्रो. आनंद भाले राव, कुलपति

 

राजस्‍थान केंद्रीय विश्‍वविद्यालय में 14वां स्‍थापना दिवस समारोहपूर्वक मनाया गया। जनसंपर्क अधिकारी अनुराधा मित्तल नें बताया की  इस अवसर पर विश्‍वविद्यालय के सभागार में पूर्वाह्न 11.00 बजे आयोजित कार्यक्रम में भारतीय सांस्‍कृतिक संबंध परिषद के अध्‍यक्ष तथा राज्‍य सभा के माननीय सांसद डॉ. विनय सहस्‍त्रबुद्धे जी मुख्‍य अतिथि  के रूप में शामिल हुये तथा लोक सभा की माननीय सांसद राजकुमारी दीया कुमारी जी विशिष्‍ट अतिथि के रूप में शामिल हुईं। 

अजमेर लोकसभा क्षेत्र के माननीय सांसद श्री भागीरथ चौधरी जी समारोह के सम्‍मानित अतिथि के रूप में उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्‍यक्षता राजस्‍थान केंद्रीय विश्‍वविद्यालय के कुलपति प्रो. आनंद भालेराव ने की।  मुख्‍य अतिथि डॉ. विनय सहस्‍त्रबुद्धे जी ने कहा कि राजस्‍थान केंद्रीय विश्‍वविद्यालय का बनना और  चौदह वर्ष की प्रगतिपूर्ण यात्रा अपने आप में एक विशेषता है। उन्‍होंने कहा कि किसी भी संस्‍था के विकास के लिए कुशल नेतृत्‍व की महत्‍वपूर्ण भूमिका होती है । 
डॉ. सहस्‍त्रबुद्धे ने विश्‍वविद्यालय में जल संसाधन तथा भूमि संरक्षण अध्ययन केंद्र बनाने पर विचार करने को कहा। उन्‍होंने कहा कि राजस्‍थान केंद्रीय विश्वविद्यालय में देश के विभिन्‍न प्रांतो के शिक्षकों तथा विद्यार्थियों द्वारा अपनी संस्‍कृति एवं विचारों का आदान-प्रदान किया जाना प्रधानमंत्री के एक भारत श्रेष्‍ठ भारत के दृष्टिकोण को साकार करता है। 
इससे पूर्व समारोह के प्रारंभ में राजस्‍थान केंद्रीय विश्‍वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर आनंद भाले राव ने मुख्‍य अतिथि डॉ. विनय सहस्‍त्रबुद्धे जी, विशिष्‍ट अतिथि राजकुमारी दीया कुमारी जी तथा सम्‍मानित अतिथि श्री भागीरथ चौधरी जी का स्‍वागत किया और समारोह में शामिल होने के लिए उन्‍हें हृदय से धन्‍यवाद दिया । प्रो. भालेराव ने कहा कि आज  इस शुभ दिन पर, हमने 14 वर्ष पूरे कर लिए हैं और जब मैं विगत 14 वर्षों पर नजर डालता हूँ, 
तो अनुभव होता है कि हमने शिक्षण, अनुसंधान और संकाय सहित शिक्षा की गुणवत्ता और  अवसंरचनात्‍मक विकास जैसे सभी मोर्चों पर विश्वविद्यालय के संचालन के मानकों में वृद्धि के लिए निरंतर प्रयास किये हैं। उन्‍होंने कहा कि वर्ष 2009 में केवल दो पाठ्यक्रमों से प्रारंभ विश्‍वविद्यालय में आज 12 स्‍कूलों तथा 32 विभागों में 75 पाठ्यक्रम संचालित किये जाते हैं जि‍नमें 2972 विद्यार्थी शिक्षा प्राप्‍त कर रहे हैं ।विश्‍वविद्यालयों के बीच प्रमुख रहा है।
उन्‍होंने कहा कि विश्वविद्यालय के कुलपति होने के नाते, मुझे यह देखकर बहुत संतोष होता है कि इतने कम समय में विश्वविद्यालय का इस स्तर तक विकास हुआ है । समारोह की विशिष्‍ट अतिथि राजकुमारी दीया कुमारी ने अपने अभिभाषण में कहा  कि राजस्‍थान केंद्रीय विश्‍वविद्यालय शिक्षा का प्रसार कर देश में अपना महत्‍वपूर्ण योगदान प्रदान कर रहा है।
उन्‍होंने नई राष्‍ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत राजस्‍थान केंद्रीय विश्‍वविद्यालय में डिजिटल शिक्षा की व्‍यवस्‍था प्रारंभ किये जाने की सराहना करते हुए कहा कि इससे विभिन्‍न कारणों से शिक्षा से वंचित लोगों को शिक्षा प्राप्‍त करने का अवसर प्राप्‍त हो सकेगा। उन्होने इस बात का आश्वासान दिया की वे लोक सभा सांसद होने के नाते विश्वविद्यालय के विकास में हर संभव सहयोग प्रदान करेंगी। सम्‍मानित अतिथि के रूप में उपस्थित माननीय सांसद श्री भागीरथ चौधरी जी ने अपने वक्तव्य में राजस्थान केन्द्रीय विश्वविद्यालय की प्रशंसा करते हुए कहा कि इसकी ख्याति पूरे देश में हैं 
और अजमेर लोक सभा का सांसद होने के नाते मैं सदैव इसके विकास में सहयोग के लिए तत्पर रहूँगा। विश्वविद्यालय द्वारा भारत के वाटरमैन के नाम से प्रसिद्ध श्री राजेंद्र सिंह जी को विश्वविद्यालय का  प्रथम प्रतिष्ठित लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड 2022 प्रदान किया गया । 

इस अवसर पर विश्वविद्यालय की पत्रिका उड़ान का अतिथियों द्वारा विमोचन भी किया गया।


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