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एनआरसीसी द्वारा दक्षिण भारत में ऊँट की उपयोगिता बढ़ाने एवं अंतर्राष्‍ट्रीय ऊँट उत्‍सव में एनआरसीसी में आयोज्‍य ऊँट दौड़ प्रतियोगिता को लेकर प्रेस कॉन्‍फ्रेंस का आयोजन

 

बीकानेर 26.02.2022  । भाकृअनुप-राष्‍ट्रीय उष्‍ट्र अनुसंधान केन्‍द्र द्वारा ऊँटनी के दूध के प्रति जागरूकता बढ़ाने एवं इसे एक व्‍यावसायिक स्‍वरूप प्रदान करने हेतु दक्षिण भारत की तरफ रूख किया है। इसे लेकर एनआरसीसी एवं अंकुशम प्रा.लि., पूणे के समन्‍वय से कोयम्‍बटुर में एक राष्‍ट्रीय सेमीनार का आयोजन किया गया ।
 सेमीनार के दौरान एनआरसीसी के निदेशक डॉ.आर्तबन्‍धु साहू एवं अंकुशम इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड समूह के मैनेजिंग डायरेक्‍टर श्री मनीकन्‍दन पी. के मध्‍य एमओयू पर हस्‍ताक्षर किए गए। इसके तहत अंकुशम प्रा.लि. द्वारा  संघमित्रा के नाम से उष्‍ट्र दूध व दुग्‍ध उत्‍पादों का व्‍यवसाय प्रारम्‍भ किया है जो कि अंकुशम ग्रुप का एक हिस्‍सा बनेगा।  इसके साथ ही  कैमल मिल्‍क से संबंधित दक्षिण भारत में पहला कैमल डेयरी फार्म खुल गया है। 
साथ ही अंतर्राष्‍ट्रीय ऊँट उत्‍सव (6-8 मार्च, 2022) के तहत एनआरसीसी में दिनांक 07.03.2022 को सायं 4.00 बजे आयोज्‍य ऊँट दौड़ प्रतियोगिता के प्रस्‍तावित कार्यक्रम के सफल संचालन संबंधी तैयारियां एवं इस महत्‍वपूर्ण अवसर पर अन्‍य प्रसार आदि गतिविधियां भी रखी गई है। 
केन्‍द्र निदेशक डॉ. आर्तबन्‍धु साहू ने कहा कि भारत में ऊँटों की निरंतर घटती संख्‍या व उपयोगिता को दृष्टिगत रखते हुए एनआरसीसी द्वारा इस प्रजाति की उपादेयता को वैज्ञानिक अनुसंधान कार्यों के अलावा अभिनव वैकल्पिक स्‍वरूप को प्रभावी व व्‍यापक तौर पर प्रसारित करने की मुहिम छेड़ रखी है ताकि परिवर्तित परिदृश्‍य में इस पशु की प्रासंगिक उपयोगिता से अधिकाधिक आमजन भलीभांति परिचित हो सके।
 केन्‍द्र द्वारा ऊँटनी के दूध एवं कैमल इको-टूरिज्‍म को लेकर किए जा रहे अभिनव प्रयासों के प्रति पर्यटकों का खासा रूझान देखा जा रहा है जो कि उष्‍ट्र उद्यमिता  विकास की प्रबल संभावनाओं को प्रदर्शित करता है। अब जरूरत है कि ऊँट पालक ऊँटनी के दुग्‍ध व्‍यवसाय के साथ-साथ एनआरसीसी से प्रेरित होकर नए आयामों में भी ऊँट की उपयोगिता को समझते हुए इसे अपनाएं तथा अपनी आमदनी में बढ़ोत्‍तरी कर सके। 
उन्‍होंने जोर दिया कि जब देश में कई निजी एजेन्सियां आदि ऊँटनी के दुग्‍ध व्‍यवसाय को लेकर अच्‍छा खासा लाभ कमा रही है तथा दक्षिण भारत में ऊँटनी के दूध एवं उष्‍ट्र पर्यटन विकास को लेकर हुए आमजन संजीदा हो रहे हैं तो  प्रदेश के ऊँट पालकों एवं किसानों को भी आगे आते हुए इस व्‍यवसाय से लाभ कमाना चाहिए। 
केन्‍द्र द्वारा दक्षिण भारत में ऊँटनी के दूध एवं उष्‍ट्र पर्यटन को लेकर प्रारम्‍भ किए गए प्रयासों को बढ़ावा देने एवं ऊँट दौड़ प्रतियोगिता की तैयारी आदि को लेकर  केन्‍द्र में दिनांक 28.02.2022 को दोपहर 1.30 बजे समिति कक्ष में एक प्रेस कॉन्‍फ्रेंस का आयोजन किया जा रहा है । 







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