एडवोकेट हंसराज मावलिया आत्मदाह प्रकरण की उचित एजेंसी से जांच की मांग को लेकर भाजपा विधि प्रकोष्ठ ने सात सूत्रीय मांग पत्र का सौंपा ज्ञापन प्रदेश के वकीलों को अनुभव के आधार पर उचित मानदेय तय करने के साथ ही अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट को लागू करने की मांग ।
बीकानेर। भारतीय जनता पार्टी बीकानेर शहर विधि प्रकोष्ठ द्वारा जिला संयोजक एडवोकेट नरेंद्र सोनगरा के नेतृत्व में जिला प्रशासन के माध्यम से राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन दिया गया जिसमें हाल ही में खंडेला उपखंड में मार्मिक आत्मदाह के लिए मजबूर होने वाले एडवोकेट हंसराज मावलिया की दुखद मृत्यु प्रकरण की उचित एजेंसी द्वारा जांच की मांग की गई है।
ज्ञापन में प्रदेश की कांग्रेस सरकार में भ्रष्ट अधिकारियों को खुला संरक्षण मिलने की बात कहते हुए प्रदेश भर के वकीलों को अनुभव के आधार पर उचित मानदेय तय कर भुगतान किए जाने की मांग को भी दोहराया गया है।
इस अवसर पर विधि प्रकोष्ठ संयोजक सोनगरा ने कहा कि साथी अधिवक्ता की असामयिक मृत्यु से प्रदेश भर के अधिवक्ताओं और समाज मे आक्रोश व्याप्त है। उन्होंने कहा कि प्रदेश भर की राजस्व अदालतों में स्थिति ठीक नही है व भ्रष्टाचार का बोलबाला है। ऐसी स्थिति में गरीब को न्याय मिलना दूर की कौड़ी है जबकि सरकार समयबद्ध और शीघ्र न्याय की बात करती है।
उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार वकीलों की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं है और लंबे समय से अधिवक्ताओं की सुरक्षा को लेकर मांगे लंबित है। अतः सरकार शीघ्र ही अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट को प्रदेश में लागू करे।
सोनगरा ने कहा कि हंसराज की अकाल मृत्य से परिजनों पर दुख का पहाड़ टूटा है जिसे देखते हुए सरकार को सदभावना के साथ परिजनों को एक करोड़ के मुआवजे के साथ परिवार के कम से कम एक सदस्य को सरकारी नौकरी देकर शीघ्र राहत प्रदान करनी चाहिए ।
ज्ञापन देने वाले प्रतिनिधिमंडल में विधि प्रकोष्ठ से एड. रमेश पारीक, नवनीत मारू, विजयपाल शेखावत, पूजा दीक्षित, द्वारका चावला, सरजीत सिंह, राजकिशोर राजपुरोहित, जसवंत सिंह आदि अधिवक्ता उपस्थित रहे।




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