निर्जला एकादशी आज व कल: दो दिन होगा दान-पुण्य
बीकानेर। वर्ष में एक बार आने वाली निर्जला एकादशी आज व कल दो दिन मनाई जा रही है। ऐसे में बीकानेर में दो दिन लगातार दान-पुण्य होगा। जहां निर्जला एकादशी के मौके पर माटी से जुड़े कारीगरों की दुकानदारी तेज हो गई है।
वहीं परम्परागत रूप से आम, सेवा, ओला, पंखियां की जमकर खरीदारी हो रही है। मंदिरों में पानी से भरकर मटकियां रखी जा रही है तो जरूरतमंदों को भी दान किया जा रहा है।
हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का बहुत महत्व है।
ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि का विशेष महत्व है। इस दिन भगवान विष्णु के उपासक बिना अन्न जल ग्रहण किए कठिन व्रत रखते हैं.
इसलिए इसे निर्जला एकादशी के नाम से जानते हैं. मान्यता है कि जो भक्त निर्जला एकादशी का व्रत रखता है। उसे एक साल में पडऩे वाले 24 एकादशी का पुण्य मिलता है।
निर्जला एकादशी पर गो दान, वस्त्रदान, छाता, फल, जल से भरा कलश और साथ में गुड़ मिठई का दान करना चाहिए।




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