बाफना स्कूल में शिक्षक दिवस के अवसर पर अनेक कार्यक्रमों का आयोजन।
बीकानेर, 6 सितम्बर। बाफना स्कूल में शिक्षक दिवस के अवसर पर ५ सितम्बर को दो सत्रों में कार्यक्रम आयोजित हुए। प्रथम सत्र में स्कूल विद्यार्थियों के साथ संवाद तथा पेंटिंग एग्जीबिशन का कार्यक्रम हुआ। संवाद के कार्यक्रम में मुंबई स्लम एरिये में पली-बढ़ी तथा वर्तमान समय में शिक्षा क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता अर्जित कर सभी को प्रेरित करने वाली जेएनयू की विद्यार्थी सुश्री सरिता माली, मुख्य वक्ता के रूप में थी।
स्कूल के सीईओ डॉ पी.एस.वोहरा ने बताया कि इस वर्ष के शिक्षक दिवस को हमने एक अलग रंग देने का प्रयास किया है। कार्यक्रम में स्कूल विद्यार्थियों को भी जोड़ा गया। उन्हें शिक्षा के महत्व को बताने हेतु सुश्री सरिता माली को मुख्य वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया।
डॉ वोहरा ने बताया कि सरिता माली रामसूरत आज भारत के युवाओं के लिए एक प्रेरणा है। बचपन में पिताजी के साथ ट्रैफ़िक लाइट पर फ़ूल बेचे पर अपने अंदर पढ़ाई के जज़्बे को हमेशा ज़िंदा रखा। मुंबई यूनिवर्सिटी के सबसे मशहूर कॉलेज केजे सोमैया की वे टॉपर रही। जेएनयू से पिछले 8 वर्षों में एमए, एम. फिल. Ph.D. की डिग्री हासिल करने के बाद अपनी दूसरी Ph.D. के लिए इनका दाख़िला अमेरिका की युनिवर्सिटी ऑफ़ कैलिफोर्निया में हुआ। वहाँ की सर्वश्रेष्ठ स्कालर्शिप भी इन्हें ऑफ़र हुई।
कक्षा 11वीं तथा 12वीं के विद्यार्थियों के साथ हुए संवाद के कार्यक्रम में सुश्री सरिता माली ने विद्यार्थियों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि शिक्षा ही एकमात्र ऐसा हथियार है जिसे हासिल कर हम स्वयं को शानदार ढंग से अभिव्यक्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा की सार्थकता तभी है जब इसे ग्रहण करने के पश्चात भविष्य की पीढ़ी को सौंपा जाए। उन्होंने कहा कि आप किताबों में नायकों को मत ढूंढो बल्कि अपने आसपास ही कोई नायक आपको मिल जाएगा जो आपको सही राह बताएगा। अपने जीवन में किताबों की संगत जरूर रखें क्योंकि इससे आपके व्यक्तित्व की रोशनी और अधिक चमकीली होती जाएगी।




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