गणधर गुरु गौतम स्वामी का भक्ति संगीत के साथ महापूजन
बीकानेर, 28 अक्टूबर। जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ की वरिष्ठ साध्वीश्री मृृगावती, सुरप्रिया व नित्योदया के सान्निध्य शुक्रवार को रांगड़ी चैक के सुगनजी महाराज के उपासरे में भगवान महावीर स्वामी के मुख्य गणधर सुख,सम्पति व लब्धि प्रदाता गुरु गौतम स्वामी का महा पूजन शुक्रवार को भक्तिगीतों व आगम के मंत्रों के साथ किया गया।जैन विधि से महापूजन गंगाशहर, बीकानेर मूल के दिल्ली प्रवासी सुश्राविका किरण देवी भंसाली, सुश्रावक जतन लाल-चंचल देवी, मुकेश-सोनू भंसाली, विनय-सारिका चोपड़ा,चक्षु-जीविक भंसाली,बबीता बांठिया,प्रखर, भव्या चोपड़ा, आदर्श-सपना नाहटा, पुष्पा सुराणा,चन्द्रकांत-बेबी नाहटा,संगीता, मयंक बच्छावत, पारस, विनीता सोनावत ने उपासरे में बनाएं गए विशेष मंडप व परमात्मा महावीर व गुरु गौतम स्वामी की प्रतिमा पर पूजा की।
अष्ट प्रकार की पूजा के दौरान मंत्रोच्चारण साध्वीवृृंद ने किया। भक्ति गीत विचक्षण महिला मंडल की सदस्याओं ने प्रस्तुत किए।दादा गुरुदेव का महापूजन 30 को
अष्ट प्रकार की पूजा के दौरान मंत्रोच्चारण साध्वीवृृंद ने किया। भक्ति गीत विचक्षण महिला मंडल की सदस्याओं ने प्रस्तुत किए।दादा गुरुदेव का महापूजन 30 को
रांगड़ी चैक के सुगनजी महाराज के उपासरे में रविवार को 108 जोड़े दादा गुरुदेव का भक्ति संगीत के साथ पूजन करेंगे। बाल वाटिका के बच्चों का वार्षिकोत्सव दोपहर दो बजे तपागच्छीय पौषधशाला में होगा।
महापूजन प्रसिद्ध विधिकारक मनोज कुमार बाबू लाल हरण करवाएंगे। पूजा में शामिल होने वाले श्रावक-श्राविका के जोड़े को यंत्र, पूजा सामग्री आदि सुलभ करवाया जाएगा। यंत्र के लाभार्थी सुश्रावक थानमल बोथरा परिवार के पवन व प्रवीण बोथरा, उदयरामसर ने लिया है।
ज्ञान वाटिका का वार्षिकोत्सव श्री सुगनजी महाराज का उपासरा ट्रस्ट, चातुर्मास व्यवस्था समिति, खरतरगच्छ युवा परिषद, खरतरगच्छ महिला परिषद की बीकानेर शाखा के सहयोग से साध्वीवृृंद के सान्निध्य में होगा।जैन आगमों की शोभायात्रा, प्रदर्शनी व भक्ति संगीत के साथ पूजा
महापूजन प्रसिद्ध विधिकारक मनोज कुमार बाबू लाल हरण करवाएंगे। पूजा में शामिल होने वाले श्रावक-श्राविका के जोड़े को यंत्र, पूजा सामग्री आदि सुलभ करवाया जाएगा। यंत्र के लाभार्थी सुश्रावक थानमल बोथरा परिवार के पवन व प्रवीण बोथरा, उदयरामसर ने लिया है।
ज्ञान वाटिका का वार्षिकोत्सव श्री सुगनजी महाराज का उपासरा ट्रस्ट, चातुर्मास व्यवस्था समिति, खरतरगच्छ युवा परिषद, खरतरगच्छ महिला परिषद की बीकानेर शाखा के सहयोग से साध्वीवृृंद के सान्निध्य में होगा।जैन आगमों की शोभायात्रा, प्रदर्शनी व भक्ति संगीत के साथ पूजा
जैन श्वेताम्बर तपागच्छ संघ की साध्वीश्री सौम्यप्रभा,
सौम्य दर्शना, अक्षय दर्शना व परमदर्शना के सान्निध्य में शुक्रवार को रांगड़ी चैक की तपागच्छीय पौषधशाला में जैन आगमों की प्रदर्शनी लगाई गई तथा उनकी सविधि मंत्रोच्चारण व भक्ति गीतों के साथ पूजा की गई। जैन आगमों को श्रावक-श्राविकाएं शोभायात्रा के साथ विभिन्न जैन बहुल्य मोहल्लों से होते हुए रांगड़ी चैक की तपागच्छीय पौषधशाला लेकर पहुंचे।
साध्वीश्री सौम्य प्रभा व सौम्य दर्शना ने प्रवचन में कहा कि आगम शब्दों का उपयोग जैन धर्म के मूल ग्रंथों के लिए किया जाता है। केवल ज्ञानी, मन प्रर्यय ज्ञानी, अवधि ज्ञानी,, चतुर्दशपूर्व के धारक तथा दस पूर्व के धारक मुनियों को भी आगम का सम्मान दिया जाता है। कहीं कहीं नवपूर्वो के धारकों व महापुरुषों के वचनों को भी आगम कहा गया है।
आगम शब्द का उपयोग जैन धर्म में धार्मिक-आध्यात्मिक सद्् साहित्य के लिए किया जाता है। जैन समाज के कई समुदाय 84 व 32 तथा जैन श्वेताम्बर में 45 आगमों को सबसे अधिक वंदनीय व पूजनीय माना गया है।
सौम्य दर्शना, अक्षय दर्शना व परमदर्शना के सान्निध्य में शुक्रवार को रांगड़ी चैक की तपागच्छीय पौषधशाला में जैन आगमों की प्रदर्शनी लगाई गई तथा उनकी सविधि मंत्रोच्चारण व भक्ति गीतों के साथ पूजा की गई। जैन आगमों को श्रावक-श्राविकाएं शोभायात्रा के साथ विभिन्न जैन बहुल्य मोहल्लों से होते हुए रांगड़ी चैक की तपागच्छीय पौषधशाला लेकर पहुंचे।
साध्वीश्री सौम्य प्रभा व सौम्य दर्शना ने प्रवचन में कहा कि आगम शब्दों का उपयोग जैन धर्म के मूल ग्रंथों के लिए किया जाता है। केवल ज्ञानी, मन प्रर्यय ज्ञानी, अवधि ज्ञानी,, चतुर्दशपूर्व के धारक तथा दस पूर्व के धारक मुनियों को भी आगम का सम्मान दिया जाता है। कहीं कहीं नवपूर्वो के धारकों व महापुरुषों के वचनों को भी आगम कहा गया है।
आगम शब्द का उपयोग जैन धर्म में धार्मिक-आध्यात्मिक सद्् साहित्य के लिए किया जाता है। जैन समाज के कई समुदाय 84 व 32 तथा जैन श्वेताम्बर में 45 आगमों को सबसे अधिक वंदनीय व पूजनीय माना गया है।













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