कोटा में महामंगलकारी मांगलिक का आयोजन आज का दिन संकल्पाभिव्यक्ति का दिन है साध्वी अणिमाश्री जी
कोटा। साध्वी श्री अणिमाश्री जी के सान्निध्य में तेरापंच- भवन मे दीपावली के नए वर्ष पर महामंगलकारी मंगलपाठ का ऊर्जादायी आयोजन हुआ।साध्वीश्री जी ने अपने उद्बोधन में कहा आज का दिन उल्लास का दिन है। आनंद का, खुशि का दिन है।
संकल्पाभिव्यक्ति का दिन है। आज के दिन हम संकल्प स्वीकार कर जीवन को आनंदमय, शांतिमय एवं समाधिमय बनाए। अच्छा जीवन जीने का संकल्प करें। दूसरों की कमियों को न देखकर गुणों का दर्शन करें। यह तब होगा जब व्यक्ति की सोच साकारात्मक होगी। निषेधक भावों में जीने वाला व्यक्ति हमेशा परदो पदर्शी होता है।
जो न स्वयं आनंद में रहता है और न ही दुसरे को खुश रख सकता है* । इसलिए आज दूसरों के गुणों का दर्शन एवं बरबाण करने का संकल्प करें। किसी का बुरा न करने का संकल्प करें। यह दो संकल्प आपके जीवन को आनंदमय, ऊर्जामय बना सकते हैं।
साध्वीश्री जी ने विशिष्ट एवं प्रभावक जैन स्तोत्रों एवं शक्तिशाली मंत्रों के साथ मंगलपाठ प्रदान किया। सभी लोगों ने अद्भुत ऊर्जा का अनुभव किया। साध्वी डॉ सुधाप्रभा जी ने कहा- जीवन के प्रांगण में खुशियों का मधुमास रहे।
वर्तमान भविष्य आनंदमय रहे इसके लिए जीवन में संयम तप (भाग को) प्राथमिकता दें। साध्वी मैत्री प्रभाजी ने मंच संचालन किया। साध्वी कर्णिकाश्री जी, साध्वी डॉ. सुधाप्रभा जी, साध्वी समत्वयशा जी एवं साध्वी मैत्री प्रभाजी ने महावीर स्तुति के द्वारा मंगलसंगान किया।
साध्वीश्री जी ने विशिष्ट एवं प्रभावक जैन स्तोत्रों एवं शक्तिशाली मंत्रों के साथ मंगलपाठ प्रदान किया। सभी लोगों ने अद्भुत ऊर्जा का अनुभव किया। साध्वी डॉ सुधाप्रभा जी ने कहा- जीवन के प्रांगण में खुशियों का मधुमास रहे।
वर्तमान भविष्य आनंदमय रहे इसके लिए जीवन में संयम तप (भाग को) प्राथमिकता दें। साध्वी मैत्री प्रभाजी ने मंच संचालन किया। साध्वी कर्णिकाश्री जी, साध्वी डॉ. सुधाप्रभा जी, साध्वी समत्वयशा जी एवं साध्वी मैत्री प्रभाजी ने महावीर स्तुति के द्वारा मंगलसंगान किया।
















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