गाय-गांवस्वावलंबन यात्रा आज 11 वें दिन सहजरासर गांव और सहजरासर बास पहुंची। गांव के लोगो में सरकार के प्रति बड़ा आक्रोश देखने को मिला
सहजरासर । गाय-गांवस्वावलंबन यात्रा आज 11 वें दिन सहजरासर गांव और सहजरासर बास पहुंची। गांव के लोगो में सरकार के प्रति बड़ा आक्रोश देखने को मिला।जब यात्रा गांव सहजरासर बास पहुंची तो वहां एक अलग ही प्रकार की बिमारी से रूबरू होना पड़ा।गांव के लोगों ने बताया कि अभी लंपी बिमारी की मार से तो ऊबर ही नही पाए थे की गायों को एक नयी बिमारी ने घैर लिया है।सभी आस पास के सरकारी और नीजि चिकित्सको से ईलाज करवाया।लेकिन ना तो गौवंश को फायदा हुआ और ना ही चिकित्सकों को बिमारी समझ में आ रही हैं।पिछले 5 दिनों में आठ दूध देने वाली गायों को काल का ग्रास बना लिया है।
यात्रा के राष्ट्रीय संयोजक गौभक्त चौधरी महेंद्र सिंह गोदारा ने अपने विचार रखते हुए बताया कि यात्रा गांव गांव जाकर लंपी से पीडितों को मुआवजे दिलवाने की मांग से निरंतर कर रही है।इसी बीच एक नयी बीमारी और देखने को मिली। जिससे जगदीश गोदारा, कुसलाराम थर्ड,जेठदास स्वामी, हरजीराम सारण आदि गोपालको को अपनी गायों का नुकसान उठाना पड़ा हैं।मौकै पर जब ग्रामीणों ने यह बताया तो गोदारा ने अपनी टीम सहित जगदीश गोदारा की तडफती हुई गाय को देखा तो यह अहसास हुआ की लगता है एक नयी बिमारी गायों और गोपालको को संकट में डाल दिया है।उनहौने मांग की यदि सरकार समय रहते नहीं चेती तो इस बिमारी से लंपी से भी बड़ा नुकसान गौवंश और गोपालको को उठाना पड सकता हैं।
वैदिक चिकित्सक गोस्वामी शिशपाल गिरि ने बताया की हमारी यात्रा के 11वें दिन ग्रामीणों की मांग पर 5 जनवरी को लूनकरणसर में हजारों गोपालको के साथ लंपी से मुआवजे और अनन्य मांगो के लिए उपखंड अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौपेंगे व प्रर्दशन करेंगे।यदि सरकार ने गोपालको की मांग नहीं मानी तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
यात्रा के आयोजक एडवोकेट विनोद आर्य ने बोलते हुए कहा कि गोपालक अपने अधिकारों के लिए निरंतर संघर्ष जारी रखेंगे।सरकार को हर हालत में गोपालको की मांगे माननी ही पड़ेगी।आज गाय गांव स्वावलंबन यात्रा सहजरासर गांव, सहजरासर बास, खारी,कुजटी आदि गांवों में पहुंची।




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