बालकों में नये भारत का भविष्य देखते थे जुगल किशोर : विमर्शानंद गिरी।
बीकानेर 18 दिसंबर। चौतिना कुआं मोहल्ला निवासी राष्ट्रपति सम्मानित जुगल किशोर तौमर के 89 वर्ष में देवलोकगमन कर जाने पर बाल संस्थान प्रन्यास श्रीलाल बहादुर शास्त्री पुस्तकालय में रविवार को श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। श्रद्धांजलि सभा में प्रोफेसर सोहन सिंह सोढ़ा ने राष्ट्रपति से सम्मानित वयोवृद्ध शिक्षक जुगल किशोर तौमर गुरुजी के जीवन पर प्रकाश डाला। शिवबाड़ी मठ महंत विमर्शानंद गिरी जी महाराज ने बताया कि तौमरजी का गुरुदेव सोमगिरीजी महाराज से आत्मीय संबंध रहे। उनके जीवन से सादगी, सरलता और समय पालन की सीख लेनी चाहिए। वे अंतिम समय तक पुस्तकालय और बालकों के बचपन को जीवंत बनाने के लिए काम करते रहे। वे बालकों में नये भारत का भविष्य देखते थे। नगर विकास न्यास पुर्व चैयरमैन महावीर रांका ने श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा कि तौमरजी बालकों के स्कूली ज्ञान के आलावा व्यवहारिक एवं नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए अंतिम समय तक सक्रिय रहे। 89 वर्ष वयोवृद्ध अवस्था में भी युवाओं की तरह काम करते रहे। सभा में श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए देवेन्द्र सारस्वत ने कहा कि उनके प्रयासों से निर्मित श्रीलाल बहादुर शास्त्री पुस्तकालय से बालकों को जोड़कर तथा बालसाहित्य बढ़ाकर उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित कर सकते हैं। सभा में वयोवृद्ध रामचंद्र गहलोत, पुर्व पार्षद सीताराम तंवर, पंकज गहलोत, केशरी सिंह, प्रदीप सिंह देवड़ा, रामकुमार व्यास, भाजपा खेल सहसंयोजिका शोभा सारस्वत, मनीष राजपुरोहित, पूर्ण सिंह बीदावत, अशोक शर्मा, बलबीर सिंह पड़िहार, महेश कुमार तंवर, विजय सिंह तथा राजेन्द्र सिंह कक्कु सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित हुए। सभा के अंत में दो मिनट मौन रखकर तथा पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई।




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