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गाय-गांव स्वावलंबन यात्रा आज पांचवे दिन गांव रोझा ठाकुर जी मंदिर वाले गुवाड में पहुंची।यहाँ के ग्रामीणों ने यात्रा का जोरदार स्वागत किया

 
रोझा ।गाय-गांव स्वावलंबन यात्रा आज पांचवे दिन गांव रोझा ठाकुर जी मंदिर वाले गुवाड में पहुंची।यहाँ के ग्रामीणों ने यात्रा का जोरदार स्वागत किया और हर प्रकार के सहयोग का वायदा किया।यात्रा के राष्ट्रीय संयोजक गौभक्त चौधरी महेंद्र सिंह गोदारा ने पांचवें दिन चौबीसवें गांव मे गोपालको को संबोधित करते हुए कहा कि गाय इस क्षेत्र की जीवन रेखा हैऔर यह सभी ग्रामीणों के रोजगार का मुख्य स्रोत हैं।हमने हर गांव में गांव के कोटवाल एवं पशु स्वास्थ्य अभिक्रताओ व ग्रामीणों से ली गयी रिपोर्ट अनुसार इन 24 गांवों में लंपी बीमारी से 19800 गौवंश गोलोक सिधार गयी है।इस अनुसार गोपालको का अनुमानित 80 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। हर गांव में महिलाओं ने बताया की हमारे तो गायों के खुंटे ही खाली हो गये तथा गाय खरीदने के लिये हमारे कोई संसाधन नहीं।गोदारा ने आगे बोलते हुए कहां कि गोपालको को सरकार मुआवजा दे ताकि गोपालको को संबलता मिल सके।
       यात्रा के राष्ट्रीय संयोजक गोस्वामी शिशपाल गिरि ने विचार रखते हुए कहा की गाय की अवहेलना होने से गांवों का स्वास्थ्य एवं संस्कारों का तालमेल बिगड़ गया हैं।इस कारण सुगर,बीपी,जोडो में दर्द ,कमर दर्द तथा महिलाओं की अनेकों बिमारियां गांवों में पैर पसार चुकी हैं।गोस्वामी ने कहा कि इन बिमारियों से बचने के वैदिक चिकित्सा को अपनाना जरुरी हैं।इसलिए हमें गाय,गंगा,गीता और गुरु की संस्कृति को अपनाना ही होगा।
    यात्रा के आयोजक एडवोकेट विनोद आर्य ने विचार रखते हुए नौजवानों से आव्हान किया कि लंपी से मरी हुई गायों के नुकसान की भरपाई हेतु चलाए अभियान में बढ़चढकर हिस्सा ले।उन्होंने यात्रा पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह आज यात्रा सहनीवाला,रोझा, फुलदेशर और बडा छोटा डेलाणा तक पहुंची।

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