ब्रेकिंग न्यूज़

गौ शक्ति पीठ, आम्बासर, बीकानेर द्वारा जन-जागरण एवं लंपी को गौ 'आपदा' घोषित करवाने हेतू गाय-गांव स्वावलम्बन यात्रा का सम्पूर्ण राजस्थान में आयोजन किया जा रहा है।

श्रीडूंगरगढ़ बीकानेर तोलाराम मारु ।गौ शक्ति पीठ, आम्बासर, बीकानेर द्वारा जन-जागरण एवं लंपी को गौ 'आपदा' घोषित करवाने हेतू गाय-गांव स्वावलम्बन यात्रा का सम्पूर्ण राजस्थान में आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में आज डूंगरगढ़ विधानसभा में यात्रा का समापन हुआ समापन के अवसर पर श्री डूंगरगढ़ के तेजाजी मंदिर प्रांगण में सभा का आयोजन किया गया इस सभा में डूंगरगढ़ तहसील के समस्त गांव गोपालक सम्मिलित हुए सभा को संबोधित करते हुए यात्रा के आयोजक आर्य विनोद ने बताया की इस यात्रा के माध्यम से गांवों में गौपालकों से सीधा संवाद कर उनको जागरूक किया जा रहा है। गौ शक्ति पीठ, आम्बासर राजस्थान में गायों एवं गौपालकों के संरक्षण, उनके विकास, गायों के उत्पादों का मूल्य संवर्धन हो इसके लिए गौपालकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम करवाने की विस्तृत योजना को धरातल पर प्रारंभ कर दिया है। सरकार से गौपालकों को गौ उत्पादों के व्यवसायिक कार्यों की स्थापना के लिए अनुदान मिले, ऐसी योजना बनवाने के लिए भी प्रयास किये जा रहे हैं। गौ शक्ति पीठ, आम्बासर अन्य सामाजिक संगठनों एवं गौपालक संगठनों को भी प्रेरणा देने का कार्य कर रही है।  गौ शक्ति पीठ के संचालक एवं राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित वैद्य श्रवण सिंह ने कहा कि प्रत्येक राजनैतिक दल यह कहता है कि उनका राज है, लेकिन यह कलयुग चल रहा है और इसी का राज है। इसमें अधर्म 18 बिस्वा एवं धर्म डेढ़ बिस्वा चलता है। इसलिए गायों की श्रद्धा भाव से सेवा करने वाले एवं धरातल पर कार्य करने वाले सेवाभावी कम लोग हैं। सभा को संबोधित करते हुए यात्रा के संयोजक गोस्वामी शीशपाल गिरि ने बताया की बीकानेर जिले में इस यात्रा का यह द्वितीय चरण है। प्रथम चरण में लूणकरणसर तहसील के 98 गांवों में जनसंपर्क करके लोगों को जागरूक करने का कार्य कर 5 जनवरी को लूणकरणसर तहसील मुख्यालय पर शिव मंदिर प्रांगण में विशाल आम सभा का आयोजन कर उपखंड अधिकारी लूणकरणसर के मार्फत मुख्यमंत्री राजस्थान को ज्ञापन प्रेषित किया गया तथा दूसरे चरण के तहत डूंगरगढ़ तहसील में पिछले 10-12 दिन से लगभग 55-60 गांवों में जनसंवाद स्थापित कर समस्त गौपालकों को इस बारे में जागरूक करने का कार्य किया गया और आज समापन के अवसर पर हम इस प्रांगण में एकत्रित हुए हैं। इस सभा के बाद हम उपखंड अधिकारी श्री डूंगरगढ़ के मार्फत मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार को ज्ञापन प्रेषित कर रहे हैं तथा क्रमश: अगले चरणों में बीकानेर जिले की अन्य तहसीलों में भी इसी प्रकार यात्रा अनवरत जारी रहेगी। सभा को संबोधित करते हुए यात्रा के राष्ट्रीय संयोजक चौधरी महेंद्र सिंह गोदारा ने बताया की लंपी महामारी को गौ आपदा घोषित कर गौपालकों के आर्थिक नुकसान की भरपाई हेतु प्रति गाय ₹40000/- मुआवजा प्रदान किया जाए। निराश्रित गोवंश की संख्या को बढ़ने से रोकने तथा सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए सरकार गौशालाओं की तर्ज पर प्रत्यक्ष रूप से गौपालकों के खाते में अनुदान जारी करें। महंगाई के इस दौर में पशु आहार एवं चारे के भावों को देखते हुए दूध के दाम कम है, अतः राज्य के प्रत्येक गौपालकों को ₹5 प्रति लीटर की सब्सिडी प्रत्यक्ष रूप से खाते में जारी की जावे। साथ ही दूध में मिलावट को रोकने के लिए सतत रूप से अभियान चलाया जाना चाहिए क्योंकि दूध में मिलावट से गौपालकों को आर्थिक नुकसान एवं उपभोग करने वाले लोगों को स्वास्थ्य का नुकसान भुगतना पड़ता है। इन सभी मांगों को लेकर आज यह ज्ञापन प्रेषित किया जा रहा है और आप सभी के सहयोग से पूरे राजस्थान प्रदेश में इस मांग को जोर-शोर से उठाते हुए सरकार से गौपालकों के पक्ष में आदेश पारित करवाने का कार्य किया जाएगा। इस अवसर पर राजेंद्र सिंह उर्फ राजा ने सभी गौ भक्तों का आभार व्यक्त किया। सभा का संचालन बंसी लाल प्रजापत ने किया। आज की सभा में कन्हैया लाल सियाग रामसरा, जगदीश स्वामी, पोकरनाथ रिड़ी, चूननाथ रिड़ी, श्रवण कुमार खीचड़, श्यामलाल सोनी, गणेशराम सारण, रामसुख डेलवां, कालू प्रजापत, जियाराम मेघवाल, भैराराम, सुमेर सिंह भोजास, कानाराम मेघवाल दुसारना, नारायण महाराज सेरूणा ओम गोदारा बिंझासर, चंदू कड़वासरा लखनसर, जितेंद्र सिंह तंवर झँझेऊ, तोलाराम लोहार , मोहनलाल भादू सूडसर के नेतृत्व में सैकड़ों लोगों ने भाग लिया।

No comments