राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय, कोटा द्वारा गोद लिए गाँव रायथल में आईसीडीएस कार्यक्रम आईसीडीएस महिला और बाल सशक्तिकरण की मुख्य योजना : प्रो एसके सिंह।
कोटा।राजभवन जयपुर एवं राजस्थान तकनीकी विश्वविधालय कुलपति महोदय प्रो. एस. के. सिंह के निर्देशन में राजस्थान तकनीकी विश्वविधालय, कोटा द्वारा ग्राम विकास एवं कार्य योजना यूएसआर विजन के तहत गोद लिए गांव रायथल में मासिक रोस्टर के अनुसार गांव में आईसीडीएस कार्यक्रम का अयोजन करवाया गया।सहायक जनसंपर्क अधिकारी विक्रम राठौड़ ने बताया कि एकीकृत बाल विकास योजना (आईसीडीएस) एक अद्वितीय प्रारंभिक बचपन का विकास कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य कुपोषण, स्वास्थ्य और युवा बच्चों, गर्भवती और नर्सिंग माताओं की विकास आवश्यकताओं को संबोधित करना है। यह एक महत्वपूर्ण योजना है जो बच्चों के शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण के लिए महत्वपूर्ण ढांचे के तहत सेवाएं प्रदान करती है।
कुलपति प्रो एस के सी सिंह ने कहा की एकीकृत बाल विकास योजना (आईसीडीएस) समेकित बाल विकास योजना भारत सरकार के प्रमुख कार्यक्रमों में से एक है और बचपन की देखभाल और विकास के लिए दुनिया के सबसे बड़े और सबसे विशिष्ट कार्यक्रमों में से एक का प्रतिनिधित्व करती है। 1975 में शुरू हुई यह पहल बच्चों के संपूर्ण विकास के साथ-साथ माताओं के सशक्तिकरण पर केंद्रित है। आईसीडीएस कार्यक्रम केंद्र और राज्य स्तर पर सरकारों का एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम है। इस अवसर पर राजस्थान तकनीकी विश्वविधालय के यू एस आर सेल के नोडल अधिकारी डॉ. एस एल मीना ने बताया की राजस्थान तकनीकी विश्वविधालय के यूएसआर सेल की शीर्ष प्राथमिकताओं में से एक रायथल गांव में महिला एवं बाल विकास है। विश्वविधालय का पूरा प्रयास है की इस सरकारी योजना का लाभ रायथल गांव के ज्यादा से ज्यादा महिलाओं व बच्चों को मिले। कार्यक्रम में राजस्थान तकनीकी विश्वविधालय के यू एस आर सेल के पूर्व नोडल अधिकारी डॉ. ए के शर्मा जी ने ग्रामवासियों को पोषक आहारखाने के फायदों के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि पोषक आहार छोटे बच्चों व गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य में अहम भूमिका निभाता हैं। उन्होंने कहा कि बच्चे पांच वर्ष से छोटे हैं उनका समय पर टीकाकरण कराना ज़रूरी है, जिससे उनका उत्तम स्वास्थ्य सुनिश्चित किया जा सकें। यूनिवर्सिटी से आई हुई डॉक्टर्स की टीम ने शिविर में आए हुए 6 वर्ष से छोटे बच्चे, गर्भवती एवं दूध पिलाने वाली माताओं की निशुल्क जांच कर निशुल्क ही दवाओं का वितरण किया तथा शिविर में मौजूद ग्रामवासियों को बताया गया की इस योजना के अंतर्गत बच्चों को स्वस्थ आहार देने का प्रयास किया जाता है जो उनके सही विकास के लिए बहुत जरूरी होता है। उन्हें बताया गया की ICDS योजना के अंतर्गत बच्चों व गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रदान की जाती हैं।




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