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छह शताब्दी प्राचीन कोडमदेसर का मेला संपन्न।


बीकानेर, 6 सितम्बर। छह शताब्दी प्राचीन कोडमदेसर भैरव मंदिर में तीन दिवसीय मेला शनिवार को संपन्न हुआ। रविवार को भी अनेक श्रद्धालु भैरव नाथ के दर्शन वंदन करेंगे। इस बार करीब एक लाख से अधिक पैदल व विभिन्न वाहनों में कोडमदेसर पहुंचकर भैरव नाथ की पूजा अर्चना, दर्शन वंदन किया। प्रतिमा का विशेष श्रृंगार व मंदिर में आकर्षक सजावट की गई।
मंदिर में पुजारी के रूप में बारीदार एडवोकेट तेज करण गहलोत व उनकी टीम के सदस्यों ने बताया कि गुरुवार व शुक्रवार को बीकानेर के जस्सूसर गेट व डूडी पेट्रोल पंप से कोडमदेसर भैरू मंदिर तक श्रद्धालुओं की मानव श्रृंखला बनी हुई थी। श्रद्धालु करीब 21 फीट ऊंचे लाल रंग के तथा एक श्रद्धालु तिरंगा लिए हुए, दंडवत करते हुए भैरव जी के दरबार में पहुंचकर हाजिरी लगाई। बीकानेर की चूंगी चौकी से कोडमदेसर भैरव मंदिर में जगह-जगह सेवाएं लगी थी। रास्ते में पानी, चाय, कॉफी, आइसक्रीम, जलेबी, पकौड़ी, कोप्ता, भोजन के भंडारे की सेवा संचालित की।कोडमदेसर भैरव मंदिर के देदाणी वंशज के पुजारी परिवार के सदस्य किशन लाल, नरेन्द्र सिंह, रामजी, ताराचंद व रामेश्वर गहलोत ने बताया कि करीब 600 वर्ष पूर्व भैरूजी की प्रतिमा को मंडोर, जोधपुर से पूर्वज देदाजी कोडमदेसर लाए और प्रतिमा को स्थापित किया। पहले मंदिर का निर्माण लाल पत्थर से करवाया गया। तत्कालीन बीकानेर महाराजा गंगासिंहजी ने इटली के संगमरमर से मंदिर का जीर्णोंद्धार व नवीनीकरण करवाया था। भैरवजी की प्रतिमा को तालाब के किनारे खुले में स्थापित किया गया। कोडमदेसर भैरव मंदिर के पीछे क्षेत्र पाल भैरव का भी मंदिर है वहां भी श्रद्धालुओं ने दर्शन किया। मेले में जिला व पुलिस प्रशासन तथा देदाजी गहलोत वंशज पुजारी परिवार के सदस्याओं तथा अनेक स्वयं सेवकों ने मंदिर में शांति एवं व्यवस्था बनाए रखने में सक्रिय भागीदारी निभाई। कोलायत, गजनेर, नाल व बीकानेर लाइन पुलिस व आर.ए.सी. के जवानों की नफरी अधिकारियों के साथ तैनात थी।  

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