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होली पर दो स्थानों पर रम्मत संपन्न, तीन स्थानों पर लोकनाट्य आजहर्षों व्यासों के डोलची पानी खेल व फागणिया फुटबॉल का लिया होली l

बीकानेर, 28 फरवरी। होली पर शनिवार को बारह गुवाड़ व कीकाणी व्यासों के चौक में स्वांग मेहरी की रम्मते हुई। वहीं कथानक प्रधान अमर सिंह राठौड़ की आचार्यों के चौक में, मरुनायक चौक में ’’हेड़ाऊ मेहरी’’ की तथा बारह गुवाड़ में ’’नौटंकी शहजादी’’ की रम्मत शनिवार अर्द्ध रात्रि से शुरू होकर रविवार सुबह करीब नौ बजे तक चलेगी। हर्षों के चौक में परम्परानुसार पुष्करणा समाज के हर्ष व व्यास जाति के बंधुओं के बीच डोलची पानी खेल तथा धरणीधर मैदान में विचित्र वेशभूषा के गेवरियों की फागणिया फुटबाल का प्रदर्शन हुआ। शहर के कई मंदिरों में भक्ति गीतों व नृत्यों के साथ फाल्गुनोत्सव मनाया गया।कीकाणी व्यासों के चौक में लटियाल नाट्य एवं कला संस्थान, चौथाणी ओझाओं के चौक की ओर से उस्ताद स्वर्गीय श्री जमनादास कल्ला की स्वांग मेहरी की ख्याल एवं चौमासा प्रधान रम्मत हुई। रम्मत में शिवबाड़ी के महबूब ने नारी का रूप धारण कर राजस्थानी गीतों के ट्रेक पर नृत्य कर सराहना बटोरी तथा हिन्दू मुस्लिम सौहार्द का संदेश दिया। लोक नाट्य में पूर्व उस्ताद राम किशन ओझा उर्फ फूना महाराज, स्वर्गीय चंपालाल ओझा सहित अनेक उस्तादों को नमन किया गया। देवी लटियालमाता की स्तुति वंदना से शुरू हुई रम्मत में झम्मू मस्तान एवं दिनेश ओझा की ओर से रचे गए ख्याल, चौमासा व लावणी की प्रस्तुति दी गई। एडवोकेट मदन गोपाल व्यास के निर्देशन में खेली गई रम्मत के ख्याल में सोने चांदी के भावों की बढ़ती कीमतों व यूजीसी कानून पर कटाक्ष किया गया। ’’ भाव चढ्या आकाशों में सोने चांदी रा, सावे में निकलग्या गैणा पड़दादी रा’’ यूजीसी रे नाम पर, करे बंटवारा है, तोड़ रैया देश ने, ऐ नेता मिल सारा है’’। लोकनाट्य में गणगौर व रम्मत की परम्परा के संबंध में गीत, चौमासे में ’’कुण समझावे ना रहयो जावे, म्हारा प्रीतम नहीं पास रे, है चौमासा गुलजार ’’ की प्रस्तुति दी गई।बारह गुवाड़ में स्वांग मेहरी-बारह गुवाड़ में भगवान गणेश, देवी सरस्वती, भैरव की स्तुति वंदना, रम्मत के उस्तादों के स्मरण व नमन के बाद श्री जबरेश्वर लोक नाट्य एवं कला संस्थान की ओर से स्वांग मेहरी की रम्मत खेली गई। इसमें चन्द्र शेखर ओझा, विजय कुमार ओझा, महेन्द्र ओझा की ओर से रचित ख्याल में यूजीसी कानून पर करारा व्यंग्य किया गया ’’ धर्मवाद री बात करणिया,कर रैया जातिवाद, ऊंच नीच री बात’’ के साथ चौमासा ’’पिया बात मान लेवो इण सावे लिया फेरा, खोल्या कोकण डोरा, महारी चढ़ती जवानी जोर करे, चोली में छतिया हिलोर करें’’ तथा लावणी ’’बरसाने से चली राधिका संग में बृजबाला’’ । रम्मत में विजय हर्ष, प्रभु दयाल ओझा व दीपिका ने मेहरी का तथा स्वांग मेहरी युवा मंडली के अनेक युवाओं ने स्वांग का स्वरूप कर नृत्य गीतों की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में पुजारी बाबा, जनार्दन कल्ला, भक्त पूर्णमल रम्मत के उस्ताद कृष्ण कुमार बिस्सा सहित अनेक वरिष्ठ रम्मत के रसिए उपस्थित थे।
फागणिया फुटबाल- धरणीधर मैदान में विधायक जेठानंद व्यास, भाजपा नेता सत्य प्रकाश आचार्य, मास्टर मदन जैरी, कैलाश झरोखा आश्रम में महात्मा रामदास महाराज, भगवान सिंह मेड़तिया,पूर्व शिक्षा मंत्री बुलाकी दास कल्ला के आतिथ्यि तथा कन्हैयालाल रंगा व सीताराम कच्छावा के निर्देशन में हुई फागणिया फुटबाल में रविन्द्र हर्ष व ज्योति प्रकाश रंगा ने रोचक,हास्य व्यंग्य से परिपूर्ण लाइव कामेन्ट्री कर दर्शकों को गुदगुदाने, हंसने-खिलखिलाने के साथ होली का आनंद दिलाया। मैच में करीब 200 लोग विभिन्न तरह के स्वांग बने खिलाड़ियों के साथ अनेक दर्शक भी विचित्र वेशभूषा में होली के हर्ष को बिखेर रहे थे। मेडिकल से सेवानिवृत गोपाल जोशी लगातार 40 वें वर्ष नारी की तथा कन्हैयालाल ब्रह्मा की वेशभूषा में उपस्थित दर्शकों को प्रभावित कर रहे थे। इनके अलावा प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी, राजस्थान की पूर्व मुख्य मंत्री वसुंधरा राजे, अवि मुक्तेश्वरानंद, छोटा भीम, छोटा महादेव, मद्रासी, चार्ली चैंपली, तांत्रिक, फौजी, मेहरी, मंजूलिका, अय्यर, पुष्करणा समाज का दूल्हा ’’केसरियो लाडो’’, शेर, मिस इंडिया, छोटा पंडित, डकैत, भूत, बाबा, लंगूर, शिवजी, राधा, विदेशी पर्यटक, रोगी, क्रिकेटर, महात्मा, रोमिला, स्पाइडर मैन, राजस्थानी रोमिला, चिकित्सक, कैफ, अन्ना, मॉडल, सचिन तेदूंलकर, ब्लेक कमांडो, युवराज, लालपरी, मारडोना, मिकी-माउस, पुलिस, चंपकलाल गड़ा आदि स्वरूप् धारण किए हुए स्वांगों ने अपने फुटबाल कौशन का प्रदर्शन किया। दर्शकों में महिलाओं व बच्चों की संख्या भी काफी थी।डोलची-पानी खेल- हर्षों के चौक में परम्परानुसार पुष्करणा समाज के हर्ष व व्यास जाति के बंधुओं के बीच आपसी सौहार्द व प्रेम का प्रतीक डोलची पानी खेल हुआ। इसमें 5 से 70 वर्ष तक आयु वर्ग के लोगों ने उत्साह व उमंग से हिस्सा लिया। एक दूसरे की पीठ पर चमड़े व लोहे से बनी डोलची का वार किया। पूर्व में बडे़-बड़े कड़ावों में पुष्करणा समाज के रंगा जाति के लोग पानी भरवाते थे, कुछ वर्षों से टेंकर से लोहे के संचे नूमा पात्र में पानी भरवाकर डोलची पानी का खेल खेला गया। खेल के समापन पर गुलाल उछाल कर तथा परम्परानुसार गैर निकाली गई। खेल को देखने के लिए हर्षों के चौक के घरों की छतों, बारी व गोखों पर महिलाओं की संख्या भी अच्छी थी।
मंदिरों में फागोत्सव- जयपुर रोड के श्याम प्रभु खाटूवाले के मंदिर, विश्वकर्मा गेट के बाहर, राम मंदिर, दम्माणी चौक के बड़ा गोपालजी मंदिर, हरोलाई हनुमान मंदिर, जस्सूसर गेट के बाहर दुर्गा माता मंदिर सहित अनेक मंदिरों में शनिवार को भक्ति गीतों के साथ फागोत्सव मनाया गया। ठाकुरजी को अबीर व गुलाल से होली खेलाई गई तथा होली के गीत गाए गए। जस्सूसर गेट के बाहर लक्ष्मीनाथ मंदिर (बड़ा मंदिर) में रविवार को पूर्वान्ह ग्यारह बजे पंडित पुरुषोतम व्यास मीमांशक के सान्निध्य में होली फागोत्सव मनाया जाएगा। मंदिर के व्यवस्थापक पूर्व पार्षद श्याम सुन्दर चांडक ने बताया कि ठाकुरजी को इत्र, अबीर व गुलाल से होली खेलाई खेलाई जाएगी तथा भक्ति गीत गाए जाएंगे।

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