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स्वच्छ सांसें ले धूम्रपान आज ही छोड़े स्वास्थ्य धूम्रपान मुक्त हो -डा. शैफाली दाधिच l

बीकानेर lहर साल मार्च महीने के दूसरे बुधवार को नो स्मोकिंग डे मनाया जाता है उसी के अन्तर्गत जयनारायण व्यास कालोनी स्थित नीजि अस्पताल में नो स्मोकिंग डे पर कार्यशाला आयोजित की गई। जिसका उद्देश्य धूम्रपानके खतरो के बारे में छोड़ने के लिए प्रेरित करना और स्वास्थ्य सम्बंधी खतरों के बारे में जानकारी देना था।
सामाजिक कार्यकर्ता भूरमल सोनी वरिष्ठ पत्रकार शिवकुमार सोनी, सीए निकिता प्रणाम , मुक्ता ,रवि राजा द्वारा आयोजित कार्यशाला के अवसर पर डॉ शैफाली दाधिच ने कहा कि धुएं वाले नशे से खून की कमी ,गले, मुंह के कैंसर, श्वास नली एवं फेफड़ों को क्षीण कर मौत के मुंह में धकेलते है। जानलेवा श्वास सम्बंधी बीमारियों का कारण धूम्रपान का सेवन है। उन्होंने ने बीड़ी सिगरेट व अन्य धूम्रपान और निकोटिन उत्पादनों से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले खतरो की जानकारी दी।
वरिष्ठ पत्रकार शिवकुमार सोनी ने बताया कि *नो स्मोकिंगडे* मनाने का उद्देश्य धूम्रपान के खतरो के बारे में बताकर छोड़ने के लिए आमजन को प्रेरित करना और स्वास्थ्य सम्बंधी खतरों की जानकारी देना है। तथा सेवन के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं स्वास्थ्य पर पड़ने वाले नकारात्मक दुष्परिणामों की ओर आमजन को जागरूक करना है। दुनिया में करीब स्तर लाख से अधिक लोगों की मौत का कारण धूम्रपान सेवन करना है।सामाजिक कार्यकर्ता भूरमल सोनी ने बीड़ी सिगरेट गांजा धुएं वाले नशे से स्वास्थ्य एवं सामाजिक जीवन पर पड़ने दुष्परिणामों की जानकारी दी। धूम्रपान से कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी हो सकती है खतरे को रोकने के लिए कोटपा एक्ट लागू किया गया। इसके अन्तर्गत 5 साल की जेल या पांच हजार रुपए जुर्माना लगाया जा सकता । धूम्रपान नियंत्रण के लिए कोटपा एक्ट के अनुसार सार्वजनिक स्थानों पर पर धुम्रपान पर प्रतिबंध है तथा अठारह वर्ष से कम उम्र के बच्चों को धूम्रपान वाली सामग्री बेचना गैर कानूनी माना गया है। धूम्रपान और इसके उत्पादों के सेवन से समाज, परिवार और पर्यावरण पर कुप्रभाव के बारे में जागरूक जरूरी है।

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