हमारी संस्कृति पर धूल-रंजी: आखिर अब इनकी कौन लें सुध
बीकानेर। पर्यटन को बढ़ावा देने तथा बीकानेर आने वाले पर्यटकों को ग्रामीण कला व संस्कृति से रू-ब-रू कराने के उद्देश्य से बीकानेर म्यूजियम सर्किल स्थित डिवाइडर पर मिट्टी की कलात्मक प्रतिमाएं लगाई गई थी।
राजस्थानी संस्कृति दर्शाती प्रतिमाओं पर धूल जमने लगी है। बता दें कि बीकानेर में पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए लाखों रुपए खर्च करके म्यूजियम सर्किल स्थित डिवाइडर ऑफर कालबेलिया नृत्य, कैमल सफारी,
दूरदराज इलाकों से सर पर घड़ा रखकर पानी भर्ती महिलाएं और ऊंट नृत्य करतब दिखाने जैसी प्रतिमाएं पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए लगाई गई थी,
लेकिन प्रशासन द्वारा सही तौर पर रखरखाव नहीं करने के कारण मूर्तियों का रंग रोगन व नुकीली और कटीली झाडिय़ोंं से अटी पड़ी मूर्तियां लाखों रुपए सरकार के बर्बाद हो रहे हैं।




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