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जन जातीय उप-योजना तहत एनआरसीसी ने लगाया इशरा गांव में पशु शिविर।

बीकानेर 08.10.2022 । भाकृअनुप-राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसन्धान केन्द्र द्वारा आज दिनांक को आबू रोड़ (सिरोही) के इशरा गांव में जन जातीय उपयोजना तहत पशु स्वास्थ्य शिविर एवं कृषक-वैज्ञानिक संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कैम्प में 83 पशुपालकों द्वारा लाए गए 408 ऊँटों सहित कुल (गाय 70, भैंस 189, बकरी 70) 737 पशुओं को उपचार, दवाइयां व उचित सलाह देकर लाभान्वित किया गया।
केन्द्र के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. सुमन्त व्यास ने संवाद कार्यक्रम में कहा कि देश की आबादी, उपलब्ध संसाधनों एवं पोषण जरूरतों की दृष्टि से खेती, पशुपालन इत्यादि संसाधनों में समन्वय साधते हुए इन्हें आवश्यकता अनुरूप तैयार करना होगा। इसके लिए पशुपालकों/किसानों में जागरूकता के साथ-2 उन्हें वैज्ञानिक ज्ञान की ओर भी रूख करना चाहिए ताकि वे देश की मुख्यधारा से जुड़ सके।
डॉ.व्यास ने केन्द्र निदेशक डॉ.आर्तबन्धू साहू के नेतृत्व में एनआरसीसी द्वारा उष्ट्र विकास एवं संरक्षण के तहत बहुआयामी अनुसंधान कार्यों खासकर ऊँटनी के दूध से जुड़ी गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए क्षेत्र के पशुपालकों को अधिकाधिक उष्ट्र दुग्ध व्यवसाय हेतु भी प्रेरित किया ।
एनआरसीसी द्वारा आयोजित इस कैम्प में डॉ.जगदीश बरबड़, संयुक्त निदेशक, पशुपालन विभाग, सिरोही ने कहा कि जन जातीय क्षेत्रों में इस प्रकार के पशु स्वास्थ्य शिविरों के आयोजन की महत्ती आवश्यकतता है तथा विषय-विशेषज्ञों द्वारा प्रदत्त जानकारी से भी वे लाभान्वित होकर अपने पशुधन की उचित सार-संभाल कर सकते हैं ।
इस अवसर पर केन्द्र के प्रधान वैज्ञानिक डॉ.राकेश रंजन ने कहा कि पशुपालक भाई, अपने पशुधन से श्रेष्ठ उत्पादन लेने हेतु उसके रखरखाव, आहार व्यवस्था, पोषण, जनन आदि के साथ उसके स्वास्थ्य पहलू के संबंध में विशेष ध्यान दें। पशुपालकों की सजगता न केवल पशु के स्वास्थ्य के लिए अपितु उनकी आमदनी की दृष्टि से भी लाभदायक होगी। डॉ.शान्तनु रक्षित, वैज्ञानिक द्वारा केन्द्र की प्रसार से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी दी गई। केन्द्र के डॉ.काशी नाथ, पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि शिविर में लाए गए 408 ऊँटों में तिबरसा (सर्रा) रोग के बचाव हेतु टीकाकरण किया गया साथ ही पशुओं को कृमिनाशक दवा पिलाई गई और बाह्य परजीवियों के बचाव हेतु दवा वितरित की गई. इस दौरान कुछ पशुओं के खून व मिंगनी के नमूने जाँच हेतु लिए गए. पशु पालकों को केन्द्र में निर्मित करभ पशु आहार व खनिज मिश्रण भी वितरित किए गए।
इस अवसर पर इशरा गांव की सरपंच श्रीमती मैणा देवी भील ने एनआरसीसी के प्रति इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के लिए आभार व्यक्त किया। वहीं श्री सेवाराम, सदस्य, पशुधन विकास कमेटी, सिरोही ने भी पशुधन को लेकर अपनी बात रखीं। केन्द्र के इस कैम्प में पशुपालन विभाग सिरोही के डॉ.सुरेन्द्र सिंह राजपुरोहित आदि ने भी सक्रिय सहयोग प्रदान किया वहीं केन्द्र के श्री मनजीत सिंह ने शिविर में पंजीयन, दाना-आहार वितरण आदि कार्याें में सहयोग दिया।

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