बीएससी के बाद क्या ? विषय पर कार्यशाला संपन्न।
बीकानेर।राजकीय डूंगर महाविद्यालय बीकानेर के बीआईआरसी एवं रसायन शास्त्र विभाग के संयुक्त तत्वाधान में बीएससी के बाद क्या ? विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम दो सत्रों में संपन्न हुआ। प्रथम सत्र में प्राचार्य डॉ जीपी सिंह का डॉ एसके वर्मा एवं डॉ साधना भंडारी ने पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया । इसके पश्चात डॉ नरेंद्र भोजक ने व्याख्यान सत्र की रूपरेखा बताई। प्राचार्य डॉ जीपी सिंह ने अपने उद्बोधन में व्हाट आफ्टर बीएससी के बारे में आने वाली चुनौतियों और कैरियर चुनने की संभावनाओं के बारे में विस्तार से बताया। डॉ सिंह ने बताया कि विद्यार्थी बीएससी के पश्चात प्रेशर में आ जाते हैं जो कैरियर के लिए या कैरियर चुनाव के लिए बाद्या बनता है डॉ सिंह ने बताया कि विद्यार्थियों को सबसे पहले टाइम मैनेजमेंट को ध्यान में रखते हुए मेहनत करनी चाहिए डॉ सिंह ने बताया कि मेहनत का कोई शॉर्टकट नहीं होता उसके लिए विद्यार्थियों को दिन रात मेहनत करनी पड़ेगी तभी जाकर के जीवन में सफलता मिल पाएगी। व्याख्यान सत्र में डॉ एसके वर्मा ने बीएससी के पश्चात विद्यार्थी किन-किन क्षेत्रों में और किस किस प्लेटफार्म के द्वारा जा सकता है के बारे में विस्तार से बताया। डॉ वर्मा ने बताया कि कई कोर्स ऐसे होते हैं जिनमें विद्यार्थियों को प्रवेश मिलने के पश्चात बहुत सारी स्कॉलरशिप मिलती है जो इक्वल जॉब होती है अतः विद्यार्थियों को विभिन्न प्रकार से एंट्रेंस एग्जाम के द्वारा प्रवेश एवं रिसर्च क्षेत्र में जाना चाहिए। कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में पैनलिस्ट के रूप में डॉ नरेंद्र भोजक, डॉ हेमेंद्र सिंह भंडारी, डॉ एस एन जाटोलिया, डॉ राजाराम ने विद्यार्थियों के द्वारा पूछे गए क्वेश्चन के जवाब दिए साथ ही आने वाली चुनौतियों से किस प्रकार सामना किया जा सकता है कि बारे में विस्तार से बताया। इस कार्यशाला के लिए एक गूगल फॉर्म तैयार किया गया था जिसमें व्हाट आफ्टर बीएससी विषय पर विद्यार्थियों से सवाल किए गए थे जिसमें लगभग विद्यार्थियों ने 200 क्वेश्चन पूछें जिनका आंसर पैनल में बैठे विशेषज्ञों ने लाइव दिए। कार्यक्रम के दौरान डॉ साधना भंडारी ने भी व्याख्यान की प्रशंसा की और बताया कि इस प्रकार के लाइव सेशन होते रहने चाहिए क्योंकि इनसे विद्यार्थियों को कैरियर चुनने में आसानी होती है। अंत में डॉ हेमेंद्र सिंह भंडारी ने धन्यवाद ज्ञापित किया कार्यक्रम के दौरान मोहन बारूपाल ने महती भूमिका निभाई और लगभग 200 विद्यार्थी उपस्थित रहे ।




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