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राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय, कोटा का 12वाँ दीक्षांत ।

सिटी एक्सप्रेस न्यूज।कोटा, 14 फरवरी 2023, राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय, कोटा अपना 12वाँ दीक्षांत समारोह दिनांक 01 मार्च 2023 को यू.आई.टी. ऑडिटोरियम, श्रीनाथपुरम्, कोटा में आयोजित होगा। इस समारोह की अध्यक्षता माननीय राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री कलराज मिश्र जी करेंगे तथा सम्माननीय अतिथि तेजपुर विश्वविद्यालय, असम के पूर्व कुलपति प्रो. (डॉ.) वी.के. जैन होंगे। दीक्षांत समारोह के लिए कुलपति प्रो. एसके सिंह के निर्देशन में प्रो. ए.के. द्विवेदी के समन्वय में 18 समितियां और उनके संयोजक नियुक्त किए गए हैं, जो की इस आयोजन की सम्पूर्ण कार्य योजना पर कार्य कर रही है।विश्वविद्यालय द्वारा दीक्षांत समारोह के सफल आयोजन लिए आयोजन समिति द्वारा विशेष तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। कुलपति प्रो. एस के सिंह ने इस सम्बन्ध में समीक्षा बैठक आयोजित कर दीक्षांत समारोह के सफल आयोजन लिए सम्बंधित समिति संयोजको को विशेष दिशा-निर्देश प्रदान किए है एवं कुलपति द्वारा स्वयं अपने प्रभावी निर्देशन में 12वें दीक्षांत समारोहकी विस्तृत रूपरेंखा बनाई जा रही हैं। वही दुसरी और इसी दिन संाय काल में विश्वविद्यालय के यूनिवर्सिटी डिपार्टमेंट के छात्रों को भी डिग्रीयों का वितरण किया जाएगा, इस कार्यक्रम के विशिष्ठ अतिथि श्री संजय कथूरिया, वाइस प्रेसिडेंट-इंडिया क्वालिटी, जेसीबी वल्लभगढ़ एवं उपाधि वितरण कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय कुलपति प्रो. एस.के. सिंह करेंगे।
21567 डिग्रियों और गोल्ड मेडल्स का होगा वितरण
12वें दीक्षांत समारोह के दौरान इस वर्ष कुलाधिपति स्वर्ण पदक एमटेक (स्ट्रक्चरल इंजीनियंरिंग) विद्यार्थी प्रज्ञा महेश्वरी एवं कुलपति स्वर्ण पदक बीटेक (कम्प्यूटर साईन्स एन्ड इंजीनियरिंग) विद्यार्थी त्रिशा विश्वास को प्रदान किया जाएगा।
12वें दीक्षांत समारोह के दौरान इस वर्षस्वर्ण पदक की श्रेणी में बीआर्क1, बीटेक 14, एमटेक 11, एमबीए 1, एमसीए 1 पाठ्यक्रम सहित कुल 28 स्वर्ण पदक प्रदान किए जाएंगे।
12वें दीक्षांत समारोह में इस वर्ष बीआर्क 194, बीबीए 1, बीएचएमसीटी 9, बीटेक 19320, एमबीए 1265, एमसीए 535, एमटेक 221, एमार्क 1, पीएचडी 21 पाठ्यक्रम सहित कुल 21567 विद्यार्थियों को दीक्षा प्रदान की जाएगी तथा इसी दिन विश्वविद्यालय के सभी सम्बध्द महाविद्यालय इन छात्रों को विशेष कार्यक्रम आयोजित कर उपाधियों को संबंधित छात्र को वितरित करने का कार्य करेंगे।
12वें दीक्षांत समारोह के दौरान इस वर्ष बीआर्क 5, बीटेक 55, एमटेक 32, एमबीए 5,एमसीए 6, पीएचडी 21 पाठ्यक्रम सहित कुल 124 डिग्रीयां भी प्रदान की जाएगी।
राजस्थान प्रदेश में तकनीकी शिक्षा के क्षेत्रमें नित-नए आयाम स्थापित कर रहा है आरटीयू कुलपति प्रो.एसके सिंह के निर्देशन के राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय, कोटा ने पिछले एक वर्ष में प्रदेश की तकनीकी शिक्षा जगत में नए आयाम स्थापित करते हुए विकास एवं विद्यार्थियों के समग्र विकास की और अग्रसर हो रहा है। राजस्थान प्रदेश के तकनीकी शिक्षा के विद्यार्थियों के शैक्षिक संवर्धन, रचनात्मक कौशल और ज्ञान-विज्ञान को विकसित करने के लिए राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय “उत्कृष्टता केंद्र” के रूप में अपनी पहचाना स्थापित कर चुका है। प्रदेश में तकनीकी शिक्षा के गुणवत्ता निर्धारण और इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों को वैश्विक पहचान और अंतराष्ट्रीयकरण की दिशा में राजस्थान तकनीकी विश्विद्यालय दुवारा नए मानक निधारित कर व्यापक कार्य योजना पर कार्य किया जा रहा है। माननीय कुलाधिपति एवं प्रदेश में तकनीकी शिक्षा के उन्नयन हेतु शैक्षणिक संकल्पना को साकार करते हुए विश्वविद्यालय युवाओं को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षाएवं वैश्विक स्तर की मान्यता देने के लिए प्रतिबद्धता के साथ नित्य नए आयाम स्थापित कर तकनीकी शिक्षा की नीतियों का सफल क्रियान्वयन कर रहा हैं।माननीय कुलाधिपति के दूरगामी दृष्टिकोण उच्च, तकनीकी और कौशल शिक्षा को विकसित करते हुए प्रदेश के युवा को सक्षम बनाने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन दुवारा एनबीए एक्रेडिएशन माध्यम से असंख्य युवा विद्यार्थी जनहितकारी शैक्षिक नीतियों का लाभ उठा सकेंगे। जिससे प्रदेश में तकनीकी शिक्षा के प्रति माहौल विकसित होगा अन्य राज्यों के युवा तकनीकी शिक्षा ग्रहण करने के लिए आकर्षित होंगें। विश्वविद्यालय नें असंख्य नवाचारो के माध्यम अनेको उपलब्धियां दर्ज की हैं।
राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय मजबूत संकल्पना के सर्वांगीण शैक्षणिक विकास की कार्य योजना पर कार्य करते हुए विश्वविद्यालय के सु़द्धढ़ीकरण व प्रदेश में तकनीकी शिक्षा का सिरमौर बनने के दिशा में आगे बढ़ रहा हैं। प्राथमिकता के साथ और उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग करते हुए आरटीयू को प्रदेश की “उत्कृष्ट तकनीकी विश्वविद्यालय” की अग्रणी पंक्ति में शामिल होने की दिशा में आगे बढ़ रहा हैं। शिक्षकों, कर्मचारियों विद्यार्थिओं, सम्बद्ध महाविद्यालयों और हितधारकों के लिए तकनीकी शिक्षा में अकादमिक योजनाओं का सृजन कर विश्वविद्यालय सशक्तिकरण का नव सृजन कर रहा हैं। राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.एसके सिंह ने विस्तृत प्रकाश डालते हुए बताया कि गुणवत्तापरक उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विद्यार्थियों के उन्नयन और राष्ट्र के सामाजिक-आर्थिक विकास हेतु बहुत महत्त्वपूर्ण है। उच्चतर शिक्षा में गुणवत्ता और मानकों का निर्धारण एक चुनौती रही है। अब भारत में विश्वविद्यालय और नीति निर्माता अंतर्राष्ट्रीय रैंकिंग पर ध्यान दे रहे हैं।
हमें भी अपने विश्वविद्यालयों को नवाचार, आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और उद्यमिता के लिए उत्प्रेरक बनाने की आवश्यकता है। आरटीयू विश्वरस्तरीय, भविष्योन्मुदखी शिक्षा उपलब्ध करायेगी। हमारा उद्देश्य बहुमुखी रूप से कुशल ऐसे नेतृत्ववकर्ता तैयार करना है जो विचारशील व नवोन्मेनषी होने के साथ-साथ नैतिक आचरण वाले हों। देश में तकनीकीशिक्षा दिये जाने के तरीके में सार्थक बदलाव लाने हेतु हम विभिन्न माध्यमो के समन्वित अध्य यन के जरिए उत्क़ष्‍ट अंतर्विषयक शिक्षा प्रदान करेंगे। विश्वविद्यालय का उद्देश्य वर्तमान चुनौतियों और भविष्य की उद्योग की जरूरतों के लिए छात्रों को तैयार करने के लिए आवश्यक उद्योग-अकादमिक सहयोग के माध्यम से हमारे देश के भावी कार्यबल के लिए शिक्षित वातावरण में क्रांति लाना है। विश्वविद्यालय अंतर्राष्ट्रीय संकाय की विशेषज्ञता को एक साथ लाकर और शीर्ष शैक्षणिक भागीदारों के साथ नवाचार और अनुसंधान केंद्रों तक पहुंच प्रदान करेगा। हम इंजीनियरिंग शिक्षा से संबंधित अध्ययनों तक पहुंच प्रदान करते हुए छात्रों के लिए एक समग्र शिक्षण मंच बनने की योजना बना रहे हैं। इससे छात्रों को नए युग की दक्षताओं को विकसित करने और उद्यमशीलता की सोच को विकसित करने में मदद मिलेगी ताकि वे समाज के सामने आने वाली जटिल चुनौतियों को हल कर सकें। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा जगत की वैश्विक प्रतिस्पर्धा ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति का अनुरूप शिक्षा प्रणाली पर नया दृष्टिकोण अपनाने की संभावनों को बल दिया है। विश्वविद्यालय एक ऐसी युवा-पीढ़ी का निर्माण करना चाहता है जो समग्र व्यक्तित्व के विकास के साथ रोजगार-कौशल व चारित्रिक-दृष्टि से विश्वस्तरीय हो। यह शैक्षिक-व्यवस्था का विश्वस्तरीय माहौल का सृजन करेगी।मेरी संकल्पना है कि आरटीयू अंतर्राष्ट्रीय पटल पर अपना नाम दर्ज करें इसके लिए हर शिक्षक की सकारात्मक ऊर्जा का इस्तेमाल किया जाएगा।हम विश्वविद्यालयको विकास के ऐसे केंद्रीय आधारस्तंभ बनना की दिशा में काम कर रहे है, जो नवप्रवर्तन और नए विचारों के लिए लांच पैड की तरह काम कर सकें।शिक्षा के परिदृश्य के लगातार विकसित होने के साथ, शिक्षा के लिए एक गतिशील और सशक्त दृष्टिकोण की आवश्यकता है। इसके अनुरूप, आरटीयूश्रेष्ठ अकादमिक उत्कृष्टता, रचनात्मक कौशल, नवाचार और उद्यमशीलता की परिकल्पना को ओर सशक्त करेगा।
ऐतिहासिक उपलब्धियों से भरा रहा है आरटीयू का एक वर्ष 
1. विश्वविद्यालय एवं सम्बद्ध महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षा प्रदान किये जाने हेतु आरटीयू व राष्ट्रीय इलेक्ट्रोनिक्स, सूचना एवं प्रोद्योगिकी संस्थानके साथ एम.ओ.यू. किया गया, जिससे आने वाले समय में छात्रों को प्रशिक्षण प्रदान कर उनका कौशल विकास किया जाएगा।
2. गत वर्ष विश्वविद्यालय की 07 ब्रांच को एन.बी.ए. से एक्रीडिटेशन प्राप्त हुआ था इस वर्ष एक अन्य ब्रांच एयरोनोटीकल इंजीनियरिंग के लिए हाल ही में एनबीए टीम द्वारा विजिट की जा चुकी है।3. विद्यार्थियों को रोजगार उपलब्ध करवाने हेतु विश्वविद्यालय के ट्रेनिंग एवं प्लेसमेंट विभाग द्वारा समय-समय पर कैम्पस प्लेसमेंट द्वारा विभिन्न कंपनियों के साक्षात्कार आयोजित करवाये गये जिसमें गत वर्ष लगभग 100 कंपनीयों द्वारा प्लेसमेंट किया गया जिसमें लगभग 228 छात्रों को रोजगार के अवसर प्रदान किये गये। जिसमें उच्चतम पैकेज 44 लाख व न्यूनतम 06 लाख तक के पैकेज पर आरटीयू के छात्रों को रोजगार प्राप्त हुआ। औसतन प्रतिवर्ष 90 कंपनियां प्लेसमेंट हेतु आरटीयू आती है।
4. गत सत्र में इलेक्ट्रोनिक्स इंस्ट्रूमेंटेशन एन्ड कंट्रेाल, इलेक्ट्रोनिक्स एन्ड कम्यूनिकेशन, सिविल, प्रोडक्शन एन्ड इंजीनियंरिंग, कम्प्यूटर इंजी. विभाग, आई.टी., मेकेनिकल इंजी. को एन.बी.ए. की मान्यता तीन वर्ष के लिए प्राप्त हुई।
5. अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद, नई दिल्ली द्वारा विश्वविद्यालय की विभिन्न ब्रांचों में प्रवेश की क्षमता बढाई गयी जिसमें कुल 150 सीटें बढाई गयी है।
6. विश्वविद्यालय से सम्बद्ध महाविद्यालयों में प्लास्टिक टेक्नोलोजी, आर्टिफिशियल इन्टेलिजेन्स, डाटा साईस, साइबर सिक्योरिटि, कम्प्युटर साईस एण्ड डिजाईन इत्यादि सलेबस गत सत्र 2021-22 से लागू किये जा चुके है।
7. आजादी का अमृत महोत्सव के अवसर पर विश्वविद्यालय में एनएसएस के छात्रों व शिक्षकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा विशाल रक्तदान शिविर, स्वच्छता कार्यक्रम इत्यादि का आयोजन किया गया।
8. मेकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा मेट लेब एप्लीकेशन इन इंजीनियरिंग विषय पर फैकल्टी डवलपमेंट कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
9. विश्वविद्यालय की सोशल रेस्पोन्सिबिलिटी के अंतर्गत गोद लिये गये गांव में कार्य योजनाऐं तैयार कर विभिन्न कार्य संपादित किये गये है जिसके लिए माननीय राज्यपाल एवं कुलाधिपति महोदय द्वारा प्रशंसा की गयी है।
10. विश्वविद्यालय में कार्यों को ऑनलाइन संपादित किये जाने हेतु राजभवन, जयपुर के निर्देशानुसार आई.यू.एम.एस व एस.यू.एम.एस सिस्टम लागू किये जाने हेतु कार्यादेश जारी किया जा चुका है शीघ्र ही लागू किया जा सकेगा, जिससे सभी कार्य ऑनलाइन संपादित किये जा सकेगें।
11. माननीय राज्यपाल एवं कुलाधिपति महोदय के निर्देशानुसार विश्वविद्यालय में संविधान पार्क का निर्माण किया जा रहा है, जिसका कार्य प्रगति पर है। आने वाले समय में शीघ्र ही लोकार्पण करवाये जाने की कार्ययोजना है। संविधान पार्क से सभी को संविधान की जानकारी सुलभ हो सकेगी।
12. विश्वविद्यालय में आने वाले समय में शैक्षणिक व अशैक्षणिक रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया आरंभ की जा सकेगी। इस हेतु रोस्टर का अनुमोदन विश्वविद्यालय की प्रबंध मण्डल से किया जा चुका है।
13. विश्वविद्यालय द्वारा आगामी माह में टैक्नीकल फैस्ट थार-2023 महोत्सव का आयोजन राष्ट्रीय स्तर किया जा रहा है उक्त राष्ट्रीयम होत्सव में राष्ट्रीय स्तर की विभिन्न प्रतियोगिताऐं, प्रदर्शिनी, सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयेाजन किया जावेगा।  
14. आने वाले समय में विश्वविद्यालय के विभागों को नैक की मान्यता दिलवाये जाने तथा एनआईआरएफ रैंकिंग हेतु प्रयास किए जा रहे है।वर्तमान लाईब्रेरी को ई-लाईब्रेरी के रूप में तैयार करवाया जावेगा। विश्वविद्यालय में ऑडीटोरियम का निर्माण करने हेतु शिलान्यास करवाया जाना प्रस्तावित कार्य योजनाऐं है।
15. विश्वविद्यालय में लंबे समय से लंबित शिक्षकों को केरियर एडवांसमेंट स्कीम के अंतर्गत छठे वेतनमान के अंतर्गत स्टेज प्रथम से द्वितीय 6000 से 7000 का पदौन्नति का लाभ प्रदान किया गया। शेष रहे शिक्षकों को भी शीघ्र ही सी.ए.एस. प्रक्रिया का आयोजन कर लाभ प्रदान किया जावेगा। अशैक्षणिक कर्मचारियों को पदौन्नति का लाभ प्रदान किया गया।
16. मेकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा दिनांक 03 से 04 फरवरी 2023 तक अन्तराष्ट्रीय कांफ्रेंस का आयोजन किया गया जिसमें देश-विदेश से प्रख्यात लगभग10 शिक्षाविदों द्वारा व्याख्यान दिये तथा लगभग 90 शोधार्थियों द्वारा अपना रिसर्च पेपर प्रस्तुत किया गया।
17. आगामी प्रस्तावित कार्य योजना के तहत आरटीयू विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की 12 (बी) की मान्यता हेतु कार्य योजना पर कार्य कर रहा हैं।
18. आगामी प्रस्तावित कार्य योजना के तहत आरटीयू नवीन अकादमिक कार्य योजनाओं पर भी कार्य कर रहा हैं।

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