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श्रम कि मूरत युग्प्रधान आचार्य श्री महाश्रमण जी का दीक्षा दिवस मनाया आचार्य श्री महाश्रमण जी के दीक्षा दिवस को युवा दिवस के रूप में मनाया।

सरदारपुरा।महातपस्वी आचार्य श्री महाश्रमण जी की विदुषी शिष्या साध्वी श्री कुंदनप्रभा जी आदि ठाणा -4 के सन्निध्य में आचार्य श्री महाश्रमण जी का दीक्षा दिवस (युवा दिवस) कार्यक्रम तेरापंथ भवन में आयोजित किया गया । महिला मंडल ने मंगलाचरण गाकर कार्यक्रम शुरू किया । तैयुप सरदारपुरा अध्यक्ष महावीर चौधरी ने स्वागत भाषण दिया। साध्वी श्री चारित्रप्रभा जी ने आचार्य महाश्रमन जी के व्यक्तित्व के बारे मै बताते हुए कहा कि कमल के फूल के तरह निर्मल, पवित्रता, कोमल, करुणाशील, आंतरिक सुंदरता के धनी है । 
सभा सरदारपुरा अध्यक्ष सुरेश जीरावला, महिला मंडल अध्यक्षा सरिता कांकरिया, किशोर मंडल संयोजक ऋषभ श्यामसुखा ने भावों कि अभिवक्ति दी। साध्वी श्री किरण्यशा जी ने अपने भावों से गुरुदेव अभिनन्दन किया ।जगदीश जी धारीवाल जी गीत का सांगन किया। युवक परिषद द्वारा युवा दिवस के उपलक्ष पर "मेरे महाश्रमण भगवान" गीत का सांगन किया गया।
साध्वी श्री विद्युतप्रभा जी ने कहा कि गुरु के चरणो मैं अमृत का वास होता है । दीर्घ जीवी नहीं, दिव्य जीवी बनें ।साध्वी श्री कुंदनप्रभा जी ने गुरुदेव के दीक्षा से पूर्व कि घटनाओं के बारे में बताया, दीक्षा लेने के पश्चात के बारे बताते हुए कहा कि गुरु कि दृष्टि को समझ कर काम पुरा कर देते थे । आचार्य श्री महाप्रज्ञ जी ने आचार्य महाश्रमण जी को महात्पस्वी अलंकरण से सयोजित किया था।
साध्वि जी ने सामूहिक रूप मै "चरणा में शिश झुकावा मैं" गीत का सांगन किया ।कार्यक्रम का कुशल संचालन तैयुप मंत्री निर्मल छल्लानी ने किया । इस अवसर पर सभा सरदारपुरा, तैयुप सरदारपुरा, किशोर मंडल और श्रावक समाज कि उपस्थिति रही ।

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