लंगर मे लस्सी व चना पुलाव का प्रसाद वितरण किया गया।
श्री गंगानगर, श्री गुरु अर्जुन दास सत्संग भवन के संस्थापक एवं श्री रूद्र हनुमान सेवा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री गुरु अर्जुन दास जी द्वारा सत्संग भवन में रविवार को 594 वा लंगर लगाया गया। लंगर मे लस्सी व चना पुलाव का प्रसाद वितरण किया गया। समिति द्वारा सेवाएं श्री गुरु अर्जुन दास, हुक्मी देवी, संगठन मंत्री सतपाल,कोर,अनुज मल्होत्रा,पडित नरेश शर्मा, आशा रानी, सुभाष छाबडा,एमडी राजेश अंगी सतीश, राजरानी, दिया, खुशी, निशा, अभिषेक, , नवनीत मलोट, प्रचार मंत्री उषा गुप्ता, पूजा मित्तल, हिमांशु, दिया, मयंक, डिंपी वैभव साहिल, देवेंद्र, संजु, यशपाल, पुनम,मदन घोडेला जगतार सिंह, सिद्धू महेंद्र भटेजा व अन्य सदस्यों द्वारा दी गई। सभी ने तन मन से सेवा दी। श्री गुरु अर्जुन दास जी द्वारा आशीर्वचन में कहा गया कि "व्यक्ति को सदैव अपने कर्तव्यों का पालन करना चाहिए कर्तव्य परायण का अर्थ कर्तव्य के प्रति आदर भाव रखना होता है। मानव को यथाशक्ति और आवश्यकतानुसार कार्य करना ही उसके कर्तव्य परायण होने की पहचान है। मानव जीवन कर्तव्यों का भंडार है। उसके कर्तव्य उसकी अवस्था अनुसार छोटे और बड़े होते हैं। इनको पूर्ण करने से जीवन में उल्लास, आत्मिक शांति और यश मिलता है ।बचपन में माता-पिता तथा परिजनों की आज्ञा मानना भी कर्तव्य कहलाता है। विद्यार्थी जीवन में गुरू की आज्ञा ही उसका कर्तव्य बन जाता है। युवावस्था में उसके कर्तव्य परिजनों, पड़ोसियों के अतिरिक्त राष्ट्र के प्रति भी हो जाते हैं। उसके कंधों पर समाज और राष्ट्र की उन्नति का भार आ पड़ता है। उसे देश की कारीगरी, कला-कौशल और व्यापार की उन्नति करनी पड़ती है। ऐसे तमाम दायित्वों से उसका जीवन सदा त्याग, तपस्या और सेवा - भाव में लिप्त रहता है।"




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