जिला कांग्रेस ने मनरेगा श्रमिकों के साथ मेडिकल कॉलेज चौराहे पर किया प्रदर्शनखेजड़ी कटाई के विरूध हुए महापड़ाव व प्रदर्शन को जिला कांग्रेस का समर्थन l
भाजपा सरकार आने वाली पीढ़ियों का भविष्य अंधकार में धकेल रही है-मदनगोपाल मेघवाल जैसा कि आप सभी को विदित है कि केंद्र की तानाशाही भाजपा सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी के रूप में प्रचलित मनरेगा को समाप्त करने की साजिश रची है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी व प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देंशानुसार जिला कांग्रेस कमेटी (देहात व शहर) के संयुक्त तत्वावधान में मेडिकल कॉलेज चौराहे पर मनरेगा श्रमिकों के साथ विरोध प्रदर्शन किया गया। जहां पर देहात अध्यक्ष बिशनाराम सियाग, शहर अध्यक्ष मदनगोपाल मेघवाल, लूणकरनसर प्रत्याशी डॉ. राजेन्द्र मूण्ड, पूर्व अध्यक्ष (शहर) यशपाल गहलोत, प्रदेश महासचिव जियाउर रहमान, महिला कांग्रेस प्रदेश महासचिव सिंवरी चौधरी, शहर महिला अध्यक्ष शशिकला राठौड़, एससी विभाग प्रदेश सदस्या डॉ. प्रीति मेघवाल, प्रदेश महासचिव महिला कांग्रेस नीरू चौधरी, पूर्व सदस्य राज्य सफाई कर्मचारी आयोग ओमप्रकाश लोहिया, एनएसयूआई जिलाध्यक्ष श्रीकृष्ण गोदारा, रा.गां.पं.रा. संगठन प्रदेश उपाध्यक्ष गजानन्द शर्मा, अभाव अभियोग अध्यक्ष श्रवणकुमार रामावत, ओ.बी.सी. प्रकोष्ठ प्रदेश सचिव नवनीत कौर, प्रदेश सचिव यूथ कांग्रेस रविकान्त बाल्मीकि, खादी प्रकोष्ठ प्रदेश महासचिव मनोज गहलोत, प्रदेश सचिव एससी विभाग एड. जितेन्द्र नायक सहित अनेक पदाधिकारियों ने मनरेगा श्रमिकों को सम्बोधित किया।
तत्पश्चात मेडिकल कॉलेज चौराहे से पॉलिटेक्निक कॉलेज ग्राउण्ड पर राजस्थान के राज्य वृक्ष खेजड़ी कटाई को लेकर हो रहे महापड़ाव व आन्दोलन को पैदल यात्रा कर उपस्थित जिला कांग्रेस कमेटी, कांग्र्रेसजनों एवं मनरेगा श्रमिकों ने समर्थन दिया।
खेजड़ी आन्दोलन को समर्थन देते हुए देहात अध्यक्ष बिशनाराम सियाग ने कहा कि राजस्थान में भाजपा सरकार और कॉरपोरेट गठजोड़ के तहत सोलर कंपनियों को लाभ पहुँचाने के लिए राज्य वृक्ष खेजड़ी की अंधाधुंध कटाई की जा रही है। यह दोहरा हमला न सिर्फ रोजगार पर बल्कि हमारी प्रकृति, संस्कृति और आमग्रामीण जनजीवन की आत्मा पर सीधा प्रहार है। अगर खेजड़ी कटाई को नहीं रोका गया तो आने वाली पीढ़ियों का संास लेना मुश्किल हो जायेगा और सम्भव हो सकता हैं कि सोलर क्षेत्र के अन्तर्गत आने वाले गांव, कस्बों और शहरों को खाली करना पड़ जायें, और सांस लेने के लिए अन्यत्र विस्थापित होना पड़ जायें। भाजपा सरकार विकास की नहीं, बल्कि विनाश की राजनीति कर रही हैं।
शहर अध्यक्ष मदनगोपाल मेघवाल ने कहा कि खेजड़ी वृक्ष सदियों से राजस्थान के मरुस्थलीय पर्यावरण, पशुपालन, खेती और सांस्कृतिक परंपराओं का आधार रहा है। खेजड़ी जैसे पवित्र और जीवनदायी वृक्षों को सोलर परियोजनाओं के नाम पर कटवा कर भाजपा सरकार आने वाली पीढ़ियों का भविष्य अंधकार में धकेल रही है। पूर्व अध्यक्ष यशपाल गहलोेत ने कहा कि राजस्थान के राज्य वृक्ष खेजड़ी की कटाई पर तत्काल रोक लगाना सरकार की जिम्मेदारी है। यदि केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार ने मजदूरों के अधिकारों और प्रकृति की रक्षा के प्रति संवेदनशीलता नहीं दिखाई, तो आगामी समय में जनआंदोलन सड़क से लेकर सदन तक अधिक तीव्र रूप लेगा।
डॉ. राजेन्द्र मूण्ड ने कहा कि खेजड़ी सिर्फ एक पेड़ नहीं, बल्कि रेगिस्तान के परिस्थितिक तंत्र, पारंपरिक जीवन और सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न हिस्सा है। ‘खेजड़ी’ की बड़ी संख्या में कटाई की जा रही हैं, जो कि “पर्यावरणीय आत्महत्या” और “धरोहर का विनाश” है। सौर परियोजनाओं के नाम पर भाजपा सरकार की सह पर वृक्षों को काटना और मिट्टी की जैव विविधता को नष्ट करना दीर्घकालिक रूप से आम जनजीवन के लिए नुकसानदेह हैं।शशिकला राठौड़ ने कहा कि राजस्थान की भाजपा सरकार खेजड़ी जैसे महत्वपूर्व वृक्षों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। उनका मानना है कि विकास और पर्यावरण संतुलन के बीच तालमेल बनाया जाना चाहिए, न कि पारंपरिक जीवन और प्राकृतिक संसाधनों को बलि चढ़ाकर विनाश किया जाना चाहिए।
जियाउर रहमान ने कहा कि राजस्थान का राज्य वृक्ष खेजड़ी, जो हमारी सांस्कृतिक, धार्मिक और पर्यावरणीय पहचान का प्रतीक है, भाजपा सरकार की सत्ता और पूंजी के गठजोड़ का शिकार बन रहा है। खेजड़ी कटाई राजस्थान की प्रकृति, संस्कृति और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य पर सीधा हमला है।जिला महासचिव (संगठन) प्रहलादसिंह मार्शल ने बताया कि कमला बिश्नोई, गुमानाराम जाखड़, सुषाम बारूपाल, गोपीराम बिश्नोई, अमरीक सिंह, डॉ. पीके सरीन, केदारमल कठातला, नितिन वत्सस, राहुल जादूसंगत, जयकिशन गहलोत, एजाज अहमद पठान, मनोज किराडू, मुकेश जोशी, हाजिर खां, सरोज सरगरा, भीखाराम मेघवाल, पन्नाराम नायक, हरिप्रकाश वाल्मीकि, याकूब अली कल्लर, विजयसिंह शेखावत, मदन सियाग, करणी सिंह राजपुरोहित, मुरली गोदारा, प्रेमलता राठौड़, महबुब रंगरेज, रामनाथ आचार्य, मुमताज बानो, कामेश्वर प्रताप सिंह, राजकुमार सेन, मो. फारूक, कुलदीप भोजक, पूनमचन्द, मनीष डूडी, रामनिवास चौधरी, रितिक कंडारा, सुरेश वाल्मीकि, चुन्नीलाल देवड़ा, राकेश सांखला, किशन तंवर, ज्योति नरूका, अनिता, हेतराम, प्रमेश्वरीदेवी, अलीराजा, बलराम कूकणा, मनोज गोदारा, परमाराम थालोड, अजय बिश्नोई, अंकिता बिश्नोई, करणीसिंह, शलीना खान, अहमद अली भाटी, रिहकत समेजा, जगदीश गोदारा, कान्ता ंकंवर, सरोज कंवर, सोनु मेघवाल, कमल गोयल, जाकीर हुसैन, रामसिंह मेघवाल, अजय हल्दुनिया, मुरलीधर पन्नु, राजीराम, हिमान्शु गहलोत, बनवारीलाल बिश्नोई, टिकुराम, बाबुलाल मेघवाल, सुभाष, प्रेमाराम, ओमप्रकाश बारासा, संजयकुमार भाटी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन मौजूद रहें।




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