पोष की थाली के आयोजन के तहत भगवान गोवर्धन की हुई विशेष पूजा
बीकानेर।अन्नकूट कोटिन भातन सौं भोजन करत गोपाल…,अब ना छाडो चरण कमल महिमा मैं जानी सुरपति तेरो नामधरो…जैसे भजनों के साथ इन दिनों वैष्णव मंदिरों में भगवान के अन्नकूट का भोग व पौष की थाली के आयोजन हो रहे है। इसी श्रृंखला में बीकानेर के राजरतन बिहारी मंदिर में भी दो दिवसीय आयोजन किया जा रहा है। प्रथम दिन दीपमाला की गई।वहीं दूसरे दिन रविवार को मंदिर में भगवान गोवर्धन की आकृति उकेर कर विशेष पूजा-अर्चना की गई।। शाम को भगवान के नाना-प्रकार के पकवान और व्यंजन बनाकर भोग लगाया गया है। इस दौरान अनेक प्रकार के भजन भी श्रद्वालुओं द्वारा गाये गये।मान्यता के अनुसार जब भगवान कृष्ण ने इंद्र का मानभंग किया था, तो उसके बाद ब्रजवासियों ने ठाकुरजी को चावल सहित अन्य खाद्य सामग्री को पर्वत(अन्नकूट) का आकार बनाया और कई प्रकार की मिठाइयां, नमकीन व अन्य खाद्य सामग्री का भोग ठाकुरजी के लगाया गया था।




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