तमन्ना ने पहनाई महापौर को 900 मीटर की पगड़ी
मैनें आज तक इस कार्यक्षेत्र में पुरुषों को ही देखा है, आज तमन्ना ने इस विरासत को आगे बढ़ाते हुए यह संदेश दिया है कि नारी किसी भी क्षेत्र में कम नही है। इस साफे और पगड़ी को पहनाकर तमन्ना ने मुझे और भी जिम्मेदारी दी है और मैं तमन्ना के साथ बीकानेर की सभी आशाओं पर खरा उतरने की कोशिश करूँगी।
तमन्ना ने बताया कि साफा हमारी पारिवारिक विरासत है। कोरोनाकाल के दौरान मैंने अपने परिवारजनों से यह कला सीखी और लगातर साफ़ा बांधने की इस कला पर मेहनत करती रही।
आज मुझे महिला दिवस पर शहर की पहली महिला महापौर का साफा पहनाने का सौभाग्य मिला। मेरा विश्वास है कि मैं राजस्थान और अपने परिवार की इस कला को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक पहचान दिलाऊंगी।




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