जीवन विज्ञान बच्चों को बेहतर सोच, संतुलित व्यवहार और संस्कारों के साथ जीना सिखाता है l
गंगाशहर। अणुव्रत विश्व भारती सोसायटी के निर्देशन में आयोजित अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह के सप्तम दिवस को “जीवन विज्ञान दिवस” के रूप में अणुव्रत समिति गंगाशहर द्वारा अर्हम इंग्लिश एकेडमी, नोखा रोड के प्रांगण में उत्साहपूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम में अणुव्रत समिति के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के साथ विद्यालय के शिक्षकगण और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ अणुव्रत समिति गंगाशहर के अध्यक्ष श्री करणीदान रांका द्वारा मंगलाचरण से किया गया।
समिति के अध्यक्ष करणी दान जी रांका ने बताया कि इस अवसर पर मुख्य वक्ता डॉ. अर्पिता गुप्ता ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि अणुव्रत केवल कुछ शब्दों, नियमों या संकल्पों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन को सही दिशा देने वाली आचरण की पद्धति है। अणुव्रत हमें सिखाता है कि हम अपने विचारों, वाणी और व्यवहार में संयम रखें तथा स्वयं के साथ-साथ समाज के प्रति भी अपनी जिम्मेदारी समझें।आगे उन्होंने कहा कि जीवन विज्ञान केवल पढ़ने का विषय नहीं, बल्कि जीवन को समझने और बेहतर ढंग से जीने की कला है।* आज बच्चों के सामने पढ़ाई के साथ-साथ तनाव, प्रतिस्पर्धा, सोशल मीडिया और बदलती जीवनशैली जैसी अनेक चुनौतियां हैं। ऐसे समय में जीवन विज्ञान बच्चों को अपनी भावनाओं को समझने, क्रोध पर नियंत्रण रखने, सकारात्मक सोच विकसित करने, एकाग्रता बढ़ाने और दूसरों के प्रति संवेदनशील बनने की प्रेरणा देता है।समिति के आशीष गर्ग ने बताया कि अर्हम इंग्लिश एकेडमी प्रबंधक सुरेंद्र डागा ने विद्यार्थियों से कहा कि “जीवन में सफलता केवल अच्छे अंक प्राप्त करने से नहीं मिलती, बल्कि अच्छे संस्कार, अच्छा व्यवहार, अनुशासन, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच ही व्यक्ति को वास्तव में सफल बनाते हैं।कार्यक्रम प्रभारी श्री राजेंद्र नाहटा ने* बताया कि इस अवसर पर अणुव्रत समिति गंगाशहर द्वारा मुख्य वक्ता डॉ. अर्पिता गुप्ता एवं अर्हम इंग्लिश एकेडमी के प्रबंधक श्री सुरेंद्र डागा* का पताका पहनाकर एवं अणुव्रत साहित्य भेंट कर सम्मान किया गया।कार्यक्रम प्रभारी श्री देवेंद्र बोथरा ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह के अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों एवं समाज में नैतिक मूल्यों, संयम, सद्भावना और संस्कारों के प्रति जागरूकता का संदेश दिया जा रहा है।
कार्यक्रम प्रभारी श्री बछराज गुलगुलिया ने बताया कि कार्यक्रम में अणुव्रत समिति गंगाशहर के अध्यक्ष करणीदान रांका, उपाध्यक्ष मनोज सेठिया एवं मनीष बाफना, मंत्री कन्हैयालाल बोथरा, सहमंत्री मनोज छाजेड़, राजेंद्र नाहटा, हेमराज गुलगुलिया, ताराचंद गुलगुलिया, पुखराज दुगड़, धरमचंद सोनी, बछराज गुलगुलिया, दिलीप सिरोहिया, आशीष गर्ग,डालचंद बुच्चा, नवरतन रांका सहित अणुव्रत समिति गंगाशहर के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का कुशल संचालन अणुव्रत समिति गंगाशहर के उपाध्यक्ष मनीष बाफना ने किया तथा *दिलीप सिरोहिया ने आभार ज्ञापित किया।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने जीवन में अच्छे संस्कार, संयम, अनुशासन और सकारात्मक सोच अपनाने का संकल्प लिया। आयोजन का उद्देश्य बच्चों में “अच्छे विचार–अच्छा व्यवहार–श्रेष्ठ जीवन”की भावना विकसित करना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ अणुव्रत समिति गंगाशहर के अध्यक्ष श्री करणीदान रांका द्वारा मंगलाचरण से किया गया।
समिति के अध्यक्ष करणी दान जी रांका ने बताया कि इस अवसर पर मुख्य वक्ता डॉ. अर्पिता गुप्ता ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि अणुव्रत केवल कुछ शब्दों, नियमों या संकल्पों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन को सही दिशा देने वाली आचरण की पद्धति है। अणुव्रत हमें सिखाता है कि हम अपने विचारों, वाणी और व्यवहार में संयम रखें तथा स्वयं के साथ-साथ समाज के प्रति भी अपनी जिम्मेदारी समझें।आगे उन्होंने कहा कि जीवन विज्ञान केवल पढ़ने का विषय नहीं, बल्कि जीवन को समझने और बेहतर ढंग से जीने की कला है।* आज बच्चों के सामने पढ़ाई के साथ-साथ तनाव, प्रतिस्पर्धा, सोशल मीडिया और बदलती जीवनशैली जैसी अनेक चुनौतियां हैं। ऐसे समय में जीवन विज्ञान बच्चों को अपनी भावनाओं को समझने, क्रोध पर नियंत्रण रखने, सकारात्मक सोच विकसित करने, एकाग्रता बढ़ाने और दूसरों के प्रति संवेदनशील बनने की प्रेरणा देता है।समिति के आशीष गर्ग ने बताया कि अर्हम इंग्लिश एकेडमी प्रबंधक सुरेंद्र डागा ने विद्यार्थियों से कहा कि “जीवन में सफलता केवल अच्छे अंक प्राप्त करने से नहीं मिलती, बल्कि अच्छे संस्कार, अच्छा व्यवहार, अनुशासन, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच ही व्यक्ति को वास्तव में सफल बनाते हैं।कार्यक्रम प्रभारी श्री राजेंद्र नाहटा ने* बताया कि इस अवसर पर अणुव्रत समिति गंगाशहर द्वारा मुख्य वक्ता डॉ. अर्पिता गुप्ता एवं अर्हम इंग्लिश एकेडमी के प्रबंधक श्री सुरेंद्र डागा* का पताका पहनाकर एवं अणुव्रत साहित्य भेंट कर सम्मान किया गया।कार्यक्रम प्रभारी श्री देवेंद्र बोथरा ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह के अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों एवं समाज में नैतिक मूल्यों, संयम, सद्भावना और संस्कारों के प्रति जागरूकता का संदेश दिया जा रहा है।
कार्यक्रम प्रभारी श्री बछराज गुलगुलिया ने बताया कि कार्यक्रम में अणुव्रत समिति गंगाशहर के अध्यक्ष करणीदान रांका, उपाध्यक्ष मनोज सेठिया एवं मनीष बाफना, मंत्री कन्हैयालाल बोथरा, सहमंत्री मनोज छाजेड़, राजेंद्र नाहटा, हेमराज गुलगुलिया, ताराचंद गुलगुलिया, पुखराज दुगड़, धरमचंद सोनी, बछराज गुलगुलिया, दिलीप सिरोहिया, आशीष गर्ग,डालचंद बुच्चा, नवरतन रांका सहित अणुव्रत समिति गंगाशहर के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का कुशल संचालन अणुव्रत समिति गंगाशहर के उपाध्यक्ष मनीष बाफना ने किया तथा *दिलीप सिरोहिया ने आभार ज्ञापित किया।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने जीवन में अच्छे संस्कार, संयम, अनुशासन और सकारात्मक सोच अपनाने का संकल्प लिया। आयोजन का उद्देश्य बच्चों में “अच्छे विचार–अच्छा व्यवहार–श्रेष्ठ जीवन”की भावना विकसित करना रहा।




No comments