विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस को मानसिक रोग एवं नशामुक्ति विभाग में अभियान के रूप में मनाया गया
बीकानेर विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस 10 अक्टूबर को मानसिक रोग एवं नशामुक्ति विभाग में दोपहर 12 बजे जनजागरूकता अभियान के रूप में मनाया गया ।इस कार्यक्रम में अत्ति , प्रधानाचार्य एवं नियंत्रक डॉ . रंजन माथुर , जाधीक्षक पी बी.एम. अस्पताल डॉ . गुंजन सोनी एवं अति जिला एवं सेशन न्यायधीश , सचिव जिला विधि सेवा प्राधिकरण श्री पवन कुमार अग्रवाल विभागाध्यक्ष मानसिक रोग विभाग डॉ . हरफूल सिंह , अधिवक्ता श्री चतुर्भुज सारस्वत , मनोचिकित्सा विभाग के समस्त चिकित्सक , स्टॉफ व मानसिक रोगी एवं उनके परिजन उपस्थिति हुए । इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अति . प्रधानाचार्य एवं नियंत्रक डॉ . रंजन माथुर ने विभाग के इस कार्यक्रम की सराहना करते हुए बताया कि वर्तमान परिवेश को बदलते माहौल में आज का युवावर्ग एक तनाय पूर्ण जीवन जी रहा है ।
परस्पर सामाजिक सामंजस्य तथा संवाद स्थापित कर तनाव को बहुत हद तक कम किया जा सकता है । अगर समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो इसके परिणाम गम्भीर हो सकते है । अधीक्षक पी.बी.एम. अस्पताल डॉ . गुंजन सोनी ने बताया कि हर व्यक्ति को शारीरिक स्वास्थ्य के साथ साथ मानसिक स्वास्थ्य का भी ख्याल रखना आवश्यक है जिसके लिए हर व्यक्ति को एक नियमित दिनचर्या का पालन करना चाहिए तथा परिवार के साथ समय बिताना , सामाजिक गतिवधियों में भाग लेना आदि है
अति . जिला एवं सेशन न्यायधीश , सथिव जिला विधि सेवा प्राधिकरण श्री पवन कुमार अग्रवाल ने मानसिक रोगों से पीड़ित व्यक्तियों के अधिकारों एवं कानुनी सहायता के बारे में जानकारी दी साथ तथा वर्तमान समय में मानसिक रोगी सही ईलाज प्राप्त करने के लिए किस प्रकार कानून की सहायता ले सकता है । अधिवक्ता श्री चतुर्भुज सारस्वत ने मानसिक रोगियों से संबंधित कानुनी सहायता के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि समय के साथ साथ मानसिक रोगियों से संबंधित कानुनी प्रावधान में भी बदलाव हुए है
साथ ही मानसिक स्वास्थ्य देखरेख अधिनियम 2017 के बारे में भी जानकारी दी विभागाध्यक्ष मानसिक रोग विभाग डॉ . हरफूल सिंह ने बताया की किस प्रकार से समय रहते युवाओं में नशे की प्रवृत्ति की पहचान करना चाहिए । उन्होंने इन्टरनेट एवं मोबाईल एडीक्सन के बारे में बताया । युवा वर्ग में नशामुक्ति एवं काउन्सलिग के बारे में जानकारी दी ।
परिवार में बच्चों के साथ नियमित संवाद एवं उचित पारिवारिक माहौल च परामर्श से आने पाली पीढी को नशों की प्रवृत्ति से बचाया जा सकता है साथ ही विभाग में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी इस कार्यक्रम में सहायक आचार्य डॉ . राकेश कुमार , कनिष्ठ विशेषज्ञ डॉ . निशान्त चौधरी , क्लीनिकल साइकोलोजिस्ट डॉ अन्जु ठकराल , रेजीडेन्टस डॉ . प्रीतम , डॉ लक्ष्मी , टी दिव्या , डॉ मंजू , डॉ हरप्रीत , डॉ . कैलाश , डॉ राकेश , डॉ . परनीत , डॉ . राधेश्याम एवं समस्त स्टाफ तथा मानसिक रोगी एवं उनके परिजनों ने हिस्सा लिया । कोविड -19 को ध्यान में रखते हुए ये कार्यकम सीमित संख्या में एवं सीमित समय के लिए किया गया एवं कोविद्ध -19 की गाईड लाईन का पूर्णतया पालन किया गया । सधन्यवाद









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