कल इस समय लगेगा चंद्र ग्रहण, देश और दुनिया को करेगा प्रभावित
चंद्र ग्रहण 30 नवंबर को लग रहा है। यह इस साल का आखिरी चंद्र ग्रहण है, जो उपछाया चंद्र ग्रहण होगा। धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से ग्रहण का लगना अशुभ माना जाता है। ग्रहण में लगने वाले सूतक का विचार किया जाता है। ज्योतिष विद्वानों का मानना है कि उपछाया चंद्र ग्रहण के कारण इस बार सूतक काल मान्य नहीं होगा।
उपछाया चंद्र ग्रहण का समय और दृश्य क्षेत्र
30 नवंबर को चंद्र ग्रहण का पहला स्पर्श दोपहर 1 बजकर 04 मिनट पर लगने जा रहा है। जबकि ग्रहण का अन्तिम स्पर्श इसी दिन शाम 5 बजकर 22 मिनट पर बताया जा रहा है और चन्द्र ग्रहण का परमग्रास दोपहर 3 बजकर 13 मिनट पर देखा जा सकेगा। चंद्र ग्रहण एशिया के कुछ देशों के साथ अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और प्रशांत महासागर के कुछ हिस्सों में भी देखाई देगा।
ज्योतिष गणना के अनुसार, चंद्र ग्रहण वृषभ राशि और रोहिणी नक्षत्र में लगेगा जिसके कारण वृष राशि के जातकों पर ग्रहण का सर्वाधिक प्रभाव देखने को मिलेगा। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, ग्रहण के दौरान वृष राशि के जातकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
देश और दुनिया पर ग्रहण का प्रभाव
ज्योतिष विद्वानों का कहना है कि उपछाया चंद्र ग्रहण होने के कारण यह इतना प्रभावशाली नहीं होगा। देश और दुनिया पर इस ग्रहण का खास प्रभाव नहीं देखा जा सकेगा, लेकिन ग्रहण के कारण लोगों की मानसिक स्थिति में प्रभाव जरूर पड़ेगा। इसके अलावा सेहत पर भी यह विपरीत प्रभाव डाल सकता है। ऐसे में ग्रहण से बचने के लिए ज्योतिष में बताए गए उपाय जरूर करें।
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