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इलेट्स टेक्नोमीडिया समूह दुवारा उच्च शिक्षा से जुड़ेमुद्दों पर आयोजित “विश्व शिखर सम्मेलन” में बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय केकुलपति ने प्रो. एच.डी.चारण ने लिया हिस्सा

 

28 नवंबर, बीकानेर, भारत की नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति भारत को शिक्षा के वैश्विक केंद्र के तौर पर स्थापित करेगी, इस नई नीति से दुनिया के शीर्ष स्तर पर भारत की उच्च एवं तकनीकी शिक्षा व्यवस्था को एक नई दशा और दिशा मिलेगी  भारत के जाने-माने और प्रतिष्ठीत इलेट्स टेक्नोमीडिया समूह दुवारा आयोजित उच्च शिक्षा पर आयोजित   “विश्व शिखर सम्मेलन” में बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति ने प्रो. एच.डी.चारण ने  “ राष्ट्रीय शिक्षा नीति ” पर अपने उदगार प्रकट किये व अपना संबोधन प्रदान किया 

विस्तृत जानकारी देते हुए बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय के सहायक जनसंपर्क अधिकारी विक्रम राठौड़ ने बताया की हाल ही “ राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 ” एवं देश की उच्च शिक्षा व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर मंथन करने हेतु आयोजित वैश्विक सम्मलेन में भाग लिया व अन्तराष्ट्रीय स्तर पर अपने विचार प्रकट किए । इस 17वें विश्व शिखर सम्मेलन में देश की विभिन्न प्रदेशो के कुलपतियों, उच्च शिक्षा विभाग के सचिव-निदेशक, व वरिष्ठ शिक्षाविदो सहित उच्च शिक्षा से जुड़े वैश्विक हितधारको ने भाग लिया ।

इस अवसर पर प्रो. चारण ने कहा की यह निति सिर्फ हमारे देश की ही नहीं अपितु वैश्विक नीति है जो अन्तराष्ट्रीय मंच पर हमारी आधुनिकतम और विकसीत शिक्षा व्यवस्था का सफल सृजन करेगी एवं नवीन शिक्षा नीति देश के हर गाँव-गाँव और ढाणी तक शिक्षा का विकास करेगी  सबके लिए आसान पहुंचइक्विटीगुणवत्तावहनीयता और जवाबदेही के आधारभूत स्तंभों पर निर्मित यह नई शिक्षा नीति सतत विकास के लिए एजेंडा के अनुकूल है और इसका उद्देश्य 21वीं सदी की जरूरतों के अनुकूल उच्च एवं तकनीकी शिक्षा को अधिक समग्रलचीला बनाते हुए भारत को एक ज्ञान आधारित जीवंत समाज और ज्ञान की वैश्विक महाशक्ति में बदलना और प्रत्येक छात्र में निहित अद्वितीय क्षमताओं को सामने लाना है  इसका उद्देश्य गुणवत्तापूर्णसस्ती व समावेशी शिक्षा प्रदान करते हुए शिक्षा में उत्कृष्टता प्राप्त करना है  जिससे छात्रों को देश में ही विश्वस्तरीय गुणवत्तापरक शिक्षा हासिल हो सकेगी. देश में शिक्षा व्यवस्था में किए जा रहे बुनियादी बदलावों में शिक्षकों की अहम भूमिका होगीनई शिक्षा नीति में शिक्षकछात्रों और अभिभावकों का जुड़ाव होना चाहिए   

नई शिक्षा नीति में हर छात्र को सशक्त करने का रास्ता दिखाया गया हैसाथ ही ये युवाओं को ज्ञान और कौशल दोनों मोर्चों पर तैयार करेगी जो की 21वीं सदी में भारत को नोलेज सेंटर के रूप में विकसीत करेगी  राष्ट्रीय शिक्षा नीति को बेहतर तरीके से क्रियान्वयन करना सभी का सामूहिक दायित्व है  इसका उद्देश्‍य गुणवत्‍तापूर्ण शिक्षणशोध और भारतीय मूल्‍य व्‍यवस्‍था पर आधारित नवाचारों के माध्‍यम से वैश्विक मंच पर महत्‍वपूर्ण स्‍थान हासिल करने का प्रयास करना हैं  'राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020' शिक्षा को पूरी तरह सही ढंग से 'सामाजिक न्याय व गुणवत्ताहासिल करने के एक महानतम औज़ार के तौर पर देखती है। समावेशी व न्यायपूर्ण शिक्षा सचमुच अपने-आप में ही एक आवश्यक लक्ष्य है तथा एक ऐसी सामाजिक व्यवस्था प्राप्त करने हेतु भी महत्त्वपूर्ण है  राष्ट्रीय शिक्षा नीति भारत को न्याय सम्मत और जागरूक समाज बनाने का प्रयास करती हैइस नीति में किये गये व्यापक बदलावों से देश की उच्च एवं तकनीकी शिक्षा व्यस्था में आदर्श बदलाव आएगा और हमारे देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सक्षम एवं सुदृढ शैक्षिक पारिस्थितिक तंत्र का निर्माण करेगा 

हमारे देश के निति निर्माताओ के अनुसार इसका उद्देश्य 21वीसदी की जरुरतो के अनुकूल शिक्षा व्यवस्था और अधिक लचीला, समग्र बनाते हुए भारत को ज्ञान आधारित जीवंत समाज और ज्ञान को वैश्विक बदलना तथा प्रत्येक विद्याथी में निहित अदितीय प्रतिभाओ को सामने लाना है । नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति भारत को एक न्यायसंगत और जीवंत ज्ञान समाज बनाने के लिए प्रयासरत है । यह एक भारत-केंद्रित शिक्षा प्रणाली को लागू करता है जो भारत को वैश्विक महाशक्ति में बदलने में सीधे योगदान देता है । श्री चारण में अपन उद्बोधन में कहा की "शिक्षा और अनुसंधान दुनिया के महत्वपूर्ण साधन हैं। भारत की शिक्षा प्रणाली का लंबा और शानदार इतिहास रहा है। उन्होंने आगे कहा कि पिछले सात दशकों से भारत ने शिक्षा का विस्तार करने पर ध्यान केंद्रित किया है। अब हाल ही में आई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के साथ पाठ्यक्रम और मूल्यांकन में सुधारों पर ध्यान केंद्रित किया गया है। यह शिक्षा प्रणाली रट्टा मार संस्कृति से दूर वास्तविक समझ की ओर ले जाने का वादा करती है। 

सरकार द्वारा वित्त पोषित उच्च शिक्षा संस्थान ज्ञान के सृजन और प्रसार के महत्वपूर्ण मंच हैं और इसलिए एनईपी 2020 के सिद्धांतों को प्रभावकारी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं । भारत में समग्र शिक्षा की समृद्ध विरासत हैयह निति देश के युवाओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े हितधारको के लिए  पथ प्रवर्तक साबित होगी और लाखों छात्रों की जीवन के सभी क्षेत्रों में बढ़ने और उत्कृष्टता हासिल करने में मदद करेंगे । हमारी राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में भारत में शिक्षा तो होगीसाथ ही शिक्षा में भारत के दर्शन भी होंगे । राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 भारत के दर्शनसंस्कृतिधर्म आवश्यकता के अनुरूप हैजो बौद्धिक परिवर्तन का आधार बनेगी । यह भारत के युवाओं को भ्रम से निकालेगी और उन्हें रोजगारोन्मुखी बनाएगी ।

यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति भारत को वैश्विक शक्तिशाली बनाने के साथ-साथ मानव की पूर्ण क्षमताओं को प्रकट करने का माध्यम बनेगी । इसके द्वारा सामाजिक और न्याय की समानता होगी तथा राष्ट्र का सर्वांगिण विकास होगा । यह भारत को दुनिया के बेहतरीन देशों की सूची में खड़ा करेगी यह नई शिक्षा नीति’ उच्च शिक्षा से जुड़े हम सभी हितधारक स्वतंत्र भारत के बाद भारतीय शिक्षा नीति’ का सहृदय स्वागत करते हैं । नई शिक्षा नीति मे भारतीय मूल ज्ञान को प्राथमिकता सराहनीय है। ऐसी नीतियां छात्रों को और सशक्त करने में योगदान देंगी । भारत का प्रबुद्ध नागरिकबुद्धिजीवीशिक्षाविद राष्ट्रीय शिक्षा नीति के द्वारा प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक के क्षेत्र में बड़े परिवर्तनों की अपेक्षा लंबे समय से कर ही रहा था। नई शिक्षा नीति बच्चों में जीवन जीने के जरूरी कौशल और जरूरी क्षमताओं को विकसित किए जाने पर जोर देती है। कुल मिलाकर शिक्षा में संस्कार और रोजगार का अधिकार’ सब निहित है इस राष्ट्रीय शिक्षा नीति में ।


आज हमें नई शिक्षा नीति को अंतर्राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में देखने की ज़रुरत है और हमारे देश की शिक्षा व्यवस्था का वैश्विक मानको पर आंकलन करना आवश्यक है । निसंदेह यह निति “परम्परागत शिक्षा व्यस्था” के स्थान  पर आधुनिकतम शिक्षा व्यस्था” का स्थान लेगी, मै आशा करता हूँ की हमारे भारत देश का हर युवा इस नवीनतम शिक्षा व्यस्व्था को अंगीकार कर देश और विश्व के समक्ष एक आदर्श उदाहरण प्रस्तुत करे, ताकि इस आदर्श नीति की वैश्विक मंच पर रचना साकार हो सके । हमारे देश के विद्यार्थी और उनका कौशल अपार संभावनाओ से भरा हुआ है जिसे देश के समक्ष लाना आवश्यक है ।

प्रथम एक शिक्षक और बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति होने के नाते मैं प्रो. एच.डी. चारण विख्यात शिक्षाविदो दुवारा रचित देश की उच्च शिक्षा के नए  राष्ट्रीय विधान  नवीन शिक्षा नीति का स्वागत करता हूँ एवं इस निति के शिल्पकारो को नमन करता हूँ की उनके अथक प्रयासो से शीघ्र ही हमारा भारत देश आने वाले समय में विश्व की विकसित शिक्षा व्यवस्था की अग्रणी पंक्ती में शामिल होगा । अब समय आ गया है की हमारे देश के विद्यार्थी इस स्वर्णिम स्वपन को साकार करने संकल्प ले और उसे पूरा करे इलेट्स टेक्नोमीडिया समूह दुवारा उच्च शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर आयोजित विश्व शिखर सम्मेलन” में इलेट्स टेक्नोमीडिया समूह दुवारा उच्च शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर आयोजित विश्व शिखर सम्मेलन” में वक्ता के रूप में आमंत्रित करने के लिए आभार प्रकट करता हूँ 

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