बाल श्रम निषेध दिवस विशेष| नन्हे हाथों को काम नहीं किताबे दो - डॉ. अर्पिता गुप्ता|
बीकानेर |आर.एल.जी फाउंडेशन द्वारा विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के उपलक्ष में शहर की कच्ची बस्तियों में जाकर बच्चों व उनके अभिभावकों को बाल श्रम ना करवाने व बाल शिक्षा के प्रति जागरूक किया गया |
संस्थान की डायरेक्टर डॉ. अर्पिता गुप्ता ने कहा बाल श्रम को रोके बिना अधूरी है देश की तरक्की| महामारी के परिणाम स्वरूप लोगों की आर्थिक स्थिति पर बहुत प्रभाव पड़ा और दुर्भाग्यपूर्ण सबसे पहले पीड़ित बच्चें हुए पर उन्हें खाने, रहने व नाम मात्र रूपये देने के नाम पर बाल श्रम में धकेला जा रहा है जो पूर्णतया अपराध है|इसे रोकने व शिक्षा का जीवन में महत्व बच्चों और उनके माता-पिता को हमने समझाने का प्रयास किया |संस्था के सचिव सौरभ बंसल ने बच्चों को महामारी से बचाव के तरीके समझाये |डॉ.गुप्ता ने बताया कि संस्थान द्वारा बच्चों का उत्साहवर्धन करने के लिए कॉपी, किताबों के साथ मास्क,कपड़े व खाद्य पदार्थ इत्यादि भी वितरित किए गए|इस अवसर पर महामंत्री रमेश सियोता,राजेश गुप्ता, महक, तनय आदि भी उपस्थित रहे|










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