मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय में पूर्व मुख्यमंत्री और आधुनिक राजस्थान के निर्माता मोहनलाल सुखाड़िया की जयंती पर स्मृति व्याख्यान आयोजित फैकल्टी ऑफ रिहैबिलिटेशन प्रारम्भ करने की कुलपति ने की घोषणा दिव्यांग शब्द समाज को उनके अधिकारों के प्रति अवगत कराता है- डॉ श्रीवास्तव दिव्यांग हमारे मानव समाज के अभिन्न अंग : प्रो.अमेरिका सिंह, कुलपति
उदयपुर। मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण अधिष्ठाता कार्यालय के तत्वावधान में पूर्व मुख्यमंत्री और आधुनिक राजस्थान के निर्माता मोहनलाल सुखाड़िया की जयंती पर स्मृति व्याख्यान शनिवार को बप्पा रावल स्वर्ण जयंती अतिथि गृह में हुआ।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफ़ेसर अमेरिका सिंह की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य वक्ता उत्तर प्रदेश के राज्य आयुक्त (दिव्यांग जन) डॉ एसके श्रीवास्तव ने कहा कि शारीरिक रूप से अक्षम व्यक्ति कभी भी दया का पात्र नहीं होता बल्कि वह उसके अधिकारों का हकदार होता है।
सरकार ने दिव्यांग शब्द देकर उनके अधिकारों के प्रति समाज को अवगत कराया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने दिव्यांग जनों की विभिन्न श्रेणियां बनाई है, जिसके तहत उस की परिभाषाएं भी की गई है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगों के प्रति दया भाव का मॉडल पुराना हो गया अब उनके अधिकारों का मॉडल है और यही उनके अस्तित्व को रेखांकित करता है।
उन्होंने कहा कि 2016 में दिव्यांग जनों के सम्मान और सामाजिक स्वीकार्यता को लेकर बहुत संवेदनशील योजना बनाई गई और उसी के तहत नया नाम दिया गया। उन्होंने कहा कि साइन लैंग्वेज को प्रोत्साहित करने के उन्होंने कई प्रयास किए और अनवरत कर भी रहे हैं।













No comments