ब्रेकिंग न्यूज़

पर्युषण पर्व 3 सितम्बर से प्रारम्भ होंगे

बीकानेर , 2 सितम्बर।  जैन धर्मावलम्बियों के  श्वेताम्बर व दिगम्बर समाज का  पर्युषण पर्व 3 सितम्बर से प्रारम्भ होकर 19 सितम्बर तक चलेंगे।  जैन महासभा के अध्यक्ष जैन लूणकरण छाजेड़ ने बताया कि भादवा बदी 11 शुक्रवार 3 सितम्बर को खतरगच्छ व तपः गच्छ के पर्युषण पर्व प्रारम्भ होंगे। 
भादवा बदी 12 शनिवार 4  सितम्बर  को तेरापंथ , साधुमार्गी ,ज्ञान गच्छ , अरिहंतमार्गी ,हुक्मगच्छीय  शांत क्रान्त  संघ , जैन रतन हितेषी संघ के पर्युषण पर्व प्रारम्भ होंगे। खतरगच्छ व तपः गच्छ  संघ की सम्वत्सरी  भादवा सुदी 4 शुक्रवार 10 सितम्बर को मनाई  जायेगी । भादवा सुदी 5 शनिवार 11 सितम्बर को तेरापंथ , साधुमार्गी ,ज्ञान गच्छ , अरिहंतमार्गी , हुक्मगच्छीय  शांत क्रान्त  संघ , जैन रतन हितेषी संघ का संवत्सरी महापर्व मनाया जाएगा।
दिगंबर समाज के दसलक्षण पर्व 11 सितम्बर को प्रारम्भ होंगे व अनन्तचतुर्दशी के दिन 19  सितम्बर को सम्वत्सरी होगी। छाजेड़ ने कहा कि पर्युषण महापर्व हमारे द्वार पर दस्तक दे रहा है। पर्युषण का समय आत्मा के आस-पास रहने का समय है। स्वयं को देखने का समय है।
आत्मावलोकन करने का स्वर्णिम अवसर है। हर अध्यात्म रसिक भाई-बहन पूरी जागरूकता के साथ पर्युषण का भरपूर लाभ उठाकर आत्मा को निर्मल बनाएं। जैन महासभा के महामंत्री सुरेंद्र जैन ने अपील करते हुए कहा है कि पर्वाधिराज की आराधना तप त्याग से करें।
 जितना हो सके यथाशक्ति दान, शील, तप, भावना की आराधना करें। पर्वाधिराज महापर्व पर्युषण में अधिक से अधिक नमस्कार महामंत्र जाप, सामायिक, संवर, पौषध, प्रतिक्रमण, आत्म ध्यान, कायोत्सर्ग, तपस्या का भाव रखें। रात्रि भोजन त्याग, सचित व जमीकंद का त्याग, विगयत्याग, शील पालन आदि का त्याग कर उत्कृष्ट आराधना करें।
संवत्सरी महापर्व पर अधिक से अधिक पौषध करने का भाव रखें। कोरोना वायरस के कारण सभी सरकारी निर्देशों का पालन करें। सहमंत्री जतन लाल  संचेती ने सभी तपस्वियों से निवेदन किया है कि  अपनी अपनी तपस्या का विवरण अपने अपने धार्मिक स्थल पर अथवा जैन महासभा के पदाधिकारियों को  अवश्य नोट करवा देवें ताकि तपोभिनन्दन कार्यक्रम में उपयोग किया जा सके।

No comments