गहलोत मंत्रिपरिषद की बैठक:किसानों, महिलाओं, पेंशनर्स, कार्मिकों सहित आमजन के लिए मंत्रिमंडल ने किए कई महत्वपूर्ण फैसले
जयपुर 23 सितम्बर। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में बुधवार को हुई राज्य मंत्रिमण्डल की बैठक में आमजन को राहत देने के लिए पर्यटन राजस्व किसान कल्याण उच्च शिक्षा के साथ ही विभिन्न सेवा नियमों में संशोधन से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इसके साथ ही राज्य मंत्रिपरिषद ने 2 अक्टूबर से प्रारंभ होने जा रहे प्रशासन शहरों के संग तथा प्रशासन गांवों के संग अभियान-2021 के माध्यम से प्रदेश के नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की पट्टे पेंशन, विभिन्न प्रमाण पत्र सहित अन्य समस्याओं के निराकरण तथा इसके माध्यम से लाखों नागरिकों को राहत देने के संबंध में भी चर्चा की।
मंत्रिपरिषद ने प्रशासन शहरों के संग एवं प्रशासन गायों के संग अभियान-2021 के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में निर्णय लिया गया कि अभियान के तहत 2 अक्टूबर को आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय कार्यक्रम में सभी मंत्रिगण उपस्थित रहेंगे। सभी मंत्रिगण 4 अक्टूबर को अपने विधानसभा क्षेत्रों में तथा 5, 6 एवं 7 अक्टूबर को अपने प्रभार पाले जिलों में आयोजित ब्लॉक स्तरीय शिविरों का निरीक्षण करेंगे।कृषक कल्याण कोष के लिए 500 करोड़ का अतिरिक्त दीर्घकालिक ऋण मंत्रिमण्डल ने कृषकों के कल्याण की विभिन्न योजनाओं के संचालन के लिए गठित कृषक कल्याण कोष में समुचित राशि की उपलब्धता के लिए बैंक ऑफ इण्डिया से 500 करोड़ रुपए का अतिरिक्त दीर्घकालिक ऋऋण लेने की मंजूरी दी है। यह ऋण राज्य सरकार की प्रत्याभूति पर लिया जाएगा। इससे राज्य में कृषकों की आय में वृद्धि एवं उनके कल्याण से संबंधित विभिन्न कार्यक्रम संपादित किए जा सकेंगे। अनुकम्पा नियुक्ति के लिए आश्रितों का दायरा बढ़ाया
कैबिनेट ने राजस्थान मृत सरकारी कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकम्पात्मक नियुक्ति नियम 1996 में संशोधन का अनुमोदन किया है। मंत्रिमण्डल के इस निर्णय से मृत सरकारी कर्मचारी के रूप में तलाकशुदा पुत्री तथा अवाहित राज्य कर्मचारी की मृत्यु होने की स्थिति में उसके माता पिता अथवा अविवाहित भाई या बहिन तथा कोई भी आश्रित नहीं होने की स्थिति में विवाहित पुत्री को भी सम्मिलित किया गया है। इससे राज्य सरकार द्वारा सरकारी कार्मिक की मृत्यु की स्थिति में उसके आश्रित को अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान कर आश्रित परिवार को राहत दी जा सकेगी। वर्तमान अनुकम्पा नियुक्ति नियमों में अब तक मृत कार्मिक के आश्रित के रूप में पति पत्नी, पुत्र, अविवाहित या विधवा पुत्री दत्तक पुत्र या दत्तक अविवाहित पुत्री को ही पात्र माना गया है।
विभिन्न सेवा एवं पेंशन नियमों में संशोधन को मंजूरी बैठक में राजस्थान सिविल सेवा (पुनरीक्षित वेतन) नियम 2000 में संशोधन का अनुमोदन किया गया। इस निर्णय से राजकीय सेवा में पहले से नियुक्त कार्मिक की सीधी भर्ती से अन्य पद पर नियुक्ति होने तथा प्रोबेशनर ट्रेनी अवधि में पूर्व पद का वेतन लिए जाने का विकल्प देने की स्थिति में नए पद पर सीधी भर्ती से नियुक्त अन्य समकक्ष कार्मिक के समान वेतन दिया जा सकेगा। कैबिनेट ने राजस्थान चतुर्थ श्रेणी सेवा (भर्ती एवं सेवा की अन्य शर्त) नियम 1990 में संशोधन का अनुमोदन किया है। इस निर्णय से 10 अप्रैल 2000 को 10 वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके अनियमित कार्मिकों की स्क्रीनिंग के लिए गठित कमेटी की रूप से पूरी की जा सकेगी।
मंत्रिमंडल ने राजस्थान सिविल सेवा (अंशदायी पेंशन) नियम 2005 को पेंशन फंड रेगुलेटरी एस डमलपमेंट आमॉरिटी (पीएफआरडीए) एक्ट-2013 के दायरे में लाने के लिए अधिसूचना जारी करने की मंजूरी दी है। इससे राज्य सरकार के ये सभी कर्मचारी जिनपर नवीन अंशदायी पेंशन योजना लागू है पीएफआरडीए एक्ट-2013 से लाभावित हो सकेंगे।बैठक में राजस्थान सिविल सर्विसेज (पेंशन रूपान्तरण) नियम 1996 के नियम 14 में संशोधन को स्वीकृति दी गई। इससे पेंशन विभाग के स्तर पर पेंशन प्रकरणों का शीघ्रता से निस्तारण हो सकेगा। इसके साथ ही मंत्रिमंडल ने राजस्थान सिविल सेवा (अंशदायी पेंशन) नियम 2005 में संशोधन तथा इस संशोधन में निर्धारित प्रक्रिया को अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों पर लागू करने की मंजूरी दी है। इसी प्रकार राजस्थान सिविल सेवा (पैन) नियम 1900 के अन्य नियमों में भी संशोधन को मंजूरी दी है।
इससे न्यायिक कार्यवाही विचाराधीन होने पर भी सेवानिवृत्त कार्मिक को 50 प्रतिशत अन्त कालीन ग्रेच्युटी का भुगतान मिल सकेगा तथा पेंशन विभाग में सेवा पुस्तिका भिजवाने की आवश्यकता नहीं रहेगी।मंत्रिमंडल ने राजस्थान जिला न्यायालय लिपिक वर्गीय स्थापन नियम-1900 मे संशोधन तथा जिला न्यायालय में संविदा पर पदस्थापित कोर्ट मैनेजर्स के नियमितीकरण तथा नवीन संवर्ग के सृजन के लिए नियमों में संशोधन को मंजूरी दी है। बैठक में राजस्थान राज्य कर्मचारी सामान्य प्रावधायी निधि नियम-2021 लागू करने को भी मंजूरी दी गई। इससे राज्य सरकार के सभी कार्मिकों को जीपीएफ में ऑनलाइन राशि जमा एवं आहरण करने की सुविधा होने के साथ ही प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और पेपरलैस व्यवस्था कायम होगी। मंत्रिमंडल ने राजस्थान राज्य अभियांत्रिकी सेवा (सक्त प्रतियोगी परीक्षा द्वारा सीधी भर्ती) नियम 1991 में संशोधन को मंजूरी दी है। इसे संशोधन से वैकल्पिक विषयों की सूची में कृषि अभियांत्रिकी एवं उनकी प्रविष्टियों को जोड़ा जा सकेगा।
बाल अधिकार संरक्षण आयोग (संशोधन) नियम 2021 का अनुमोदन कैबिनेट में राजस्थान राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (संशोधन) नियम-2021 का अनुमोदन किया है। इसके लागू हो जाने के बाद आयोग में नियुक्त होने वाले अध्यक्ष एवं सदस्यों के लिए नवीन मापदण्डों एवं प्रक्रियाओं की पालना की जा सकेगी तथा आयोग द्वारा अपने स्तर पर जांच के दौरान अपनायी जाने वाली प्रक्रिया का निर्माण किया जा सकेगा। साथ ही आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्य के अधिक स्पष्टता एवं पारदर्शिता लाई जा सकेंगी और आयोग अपने दायित्वों का प्रभावी रूप से निष्पादन कर सकेगा।एकल महिलाओं के बच्चों को मिल सकेंगे जाति एवं आय प्रमाण पत्र मंत्रिमंडल ने अनुसूचित जाति, जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग की एकल महिलाओं के बच्चों का जाति प्रमाण पत्र तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की एकल महिलाओं के बच्चों को आय एवं संपत्ति प्रमाण पत्र माता के नाम से जारी करने के प्रस्ताव का भी अनुमोदन किया है। इससे एकल महिलाओं के बच्चों को जाति एवं आय प्रमाण पत्र प्राप्त करने में आसानी होगी।मुख्यमंत्री पर्यटन उद्योग संबल योजना का अनुमोदन











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