पर्युषण महापर्व के अंतर्गत आज जप दिवस मनाया गया
गंगाशहर, 9 सितम्बर। पर्युषण महापर्व के अंतर्गत आज सेवाकेन्द्र व्यवस्थापिका साध्वी श्री पावनप्रभा जी के प्रस्तुतकर्ता सान्निध्य में श्जप दिवसश् मनाया गया। इस अवसर पर साध्वी श्री दीपमाला जी ने जप का महत्व बताते हुए कहा कि जप करने से व्यक्ति कि आन्तरिक शुद्धि होती है. नमस्कार महामंत्र में अरिहंतों, सिद्धो, आचार्यों, उपाध्याओं और लोक के सब साधुओं को नमस्कार किया गया है.
इस महान मंत्र का तन्मयतापूर्वक जप करने से पांच सौ सागरोपम कर्मों का नाश होता है. जप के साथ ध्यान करने की विभिन्न मुद्राओं तथा चैतन्य केन्द्रों के बारे में बताया गया. साध्वीश्री पावनप्रभाजी ने अपने उद्बोधन में भगवान अरिष्टनेमि व्याख्यान के अंतर्गत देवकी व श्रीकृष्ण संवाद सुनाते हुए माँ शब्द की व्याख्या करते हुए माँ की महता बताई।साध्वी श्री अक्षयप्रज्ञा जी ने प्रतिक्रमण के बारे में बताते हुए इसे मोक्ष के मार्ग को प्रशस्त करने वाला बताया।
तेरापंथ युवक परिषद् के मंत्री देवेन्द्र डागा ने तेयुप द्वारा आयोजित होने वाली ऑनलाइन प्रतियोगिता मैं हूँ ज्ञानवान के बारे में विस्तृत जानकारी दी.
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