मुख्य सचिव निरंजन आर्य ने राज्य अभिलेखागार को नायाब बताया
दिनांक 16.09.2021 को अवलोकन कर इसको विश्व का नायाब तोहफा बताया। डिजिटल अभिलेखागार, अभिलेख संग्रहालय में बनी विभिन्न दीर्घाओं में शिवाजी महाराज दीर्घा, महाराणा प्रताप दीर्घा, टेस्सीटोरी दीर्घा, स्वतंत्रता सेनानी दीर्घा, 1857 के क्रांतिकारियों की प्रदर्शनी दीर्घा एवं ताम्र-पत्र दीर्घा तथा अभिलेख प्रबंध को देखकर अभिभूत होकर निदेशक डॉ. महेन्द्र खड़गावत व
अभिलेखागार के कार्यों की सराहना करते हुए कहां कि सरकार द्वारा उपलब्ध करवाये गये संसाधनों का सही मायने में सदुपयोग हुआ है और विश्व स्तरीय अद्भूत अभिलेखों को वैज्ञानिक तरीके से सहेज कर इतिहास को संजोह रखा है। विभाग के अवलोकन में उन्होंने विभाग में चल रहे डिजिटाईजेशन कार्य के संबंध में जानकारी ली तथा डिजिटल अभिलेखागार को भविष्य के लिये बहुत महत्वपूर्ण बताया।बही और पट्टा रजिस्टर का भी अवलोकन किया और पट्टा जारी करने के पैरामीटर तथा कार्यप्रणाली की प्रशंसा की। विभागीय रिकॉर्ड किपिंग सिस्टम तथा पट्टा जारी करने के सिस्टम को भी समझा।
विभागीय प्रकाशन से संबंधित विभिन्न पुस्तकों की जानकारी ली और विभाग द्वारा किये जा रहे कार्य के लिये सराहना करते हुए कहा कि मैंने पूरे विश्व में म्यूजियम देखें है परन्तु अभिलेख म्यूजियम एक नायाब तोहफा है,
उन्होंने कहा कि डॉ. महेन्द्र खड़गावत ने राज्य सरकार द्वारा जो उन पर भरोसा जताया गया उस पर खरे उतरे। पत्रकारों द्वारा बीकानेर में परिवर्तन के बारे में पूछने पर कहा कि राज्य अभिलेखागार परिवर्तन का सबसे बड़ा सबूत है।








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