एनआरसीसी ने मनाया विश्व खाद्य दिवस, ऊँटनी के दूध एवं बाजारा मिश्रित उत्पाद को किया रिलीज
बीकानेर 16 अक्टूबर 2021 । भाकृअनुप-राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केन्द्र द्वारा आज दिनांक को विश्व खाद्य दिवस मनाया गया। इस अवसर पर बीकानेर जिलें के गांव पेमासर, उदासर, सागर एवं बीछवाल क्षेत्र की लगभग 85 महिलाओं ने एनआरसीसी द्वारा आयोजित विश्व खाद्य दिवस के इस कार्यक्रम में अपनी सहभागिता निभाई।
श्री ताम्बिया ने खाद्य उत्पादन की दृष्टि से देश को समृद्ध बनाने में महिलाओं के महत्वपूर्ण योगदान का उल्लेख करते हुए खेती में अधिक उत्पादन हेतु पेस्टीसाइट के उपयोग के प्रति किसानों को सचेत भी किया।
इस कार्यक्रम से वर्चुअल रूप से जुड़ते हुए केन्द्र निदेशक एवं कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ.आर्तबन्धु साहू ने कहा कि महिलाओं की कार्यप्रणाली में अच्छा खाद्य, उत्तम खाद्य और सभी के लिए खाद्य की पावन भावना देखी जा सकती है, ऐसे में खाद्य/भोजन के भलीभांति उपयोग को प्राथमिकता दी जाए तो हमारा राष्ट्र और अधिक प्रगति कर सकेगा।
डॉ.साहू ने खाद्य उत्पादन के हिसाब से कृषि कार्यों में लगभग 40 प्रतिशत तथा कहीं-कहीं पर इससे अधिक अनुपात में महिलाओं का योगदान, दृष्टिगोचर होने की बात कहीं। केन्द्र निदेशक ने महिलाओं से यह आह्वान किया कि वे ऊँटनी के दूध से मूल्य संवर्धित खाद्य उत्पाद तैयार करने हेतु आगे आएं तथा इस हेतु केन्द्र उन्हें प्रशिक्षण की सुविधा भी उपलब्ध करवाने हेतु उत्सुक है।
इस अवसर पर केन्द्र वैज्ञानिकों द्वारा निर्मित ऊँटनी के दूध एवं बाजरा मिश्रित नूतन दुग्ध उत्पाद (कुकीज/बिस्कुट) का आमजन की उपलब्धता हेतु जारी किया गया। पश्चिमी राजस्थान की मुख्य फसल बाजारा है, उष्ट्र दूध एवं बाजरा के संगम से केन्द्र द्वारा निर्मित इस उत्पाद के माध्यम से कृषकों को आर्थिक लाभ मिल सकेगा।
केन्द्र की डॉ. बसंती ज्योत्सना, वैज्ञानिक ने विश्व खाद्य दिवस की विषय-वस्तु/थीम ‘सेफ फूड नाऊ फॉर ए हेल्दी टूमारो’ पर प्रकाश डाला तथा कार्यक्रम समन्वयक डॉ.आर.के.सावल ने भारत सरकार द्वारा खाद्य से जुड़ी संस्थाओं हेतु बनाए गए मानक तथा स्वयं सेवी समूहों के निर्माण हेतु प्रावधान एवं इनकी कार्यप्रणाली आदि पर विस्तृत में जानकारी दीं ।
वहीं संस्थान की गतिविधि के बारे में विडियो के माध्यम से भी जानकारी दी गई एवं उन्हें ऊँटनी के दूध से निर्मित दुग्ध उत्पाद ‘खीर’ का भी सर्व किया गया। केन्द्र वैज्ञानिक डॉ.शान्तनु रक्षित, कृषि वैज्ञानिक ने सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।




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