पुरानी पेंशन की घोषणा करने पर कर्मचारियों में खुशी का माहौल एकत्र होकर मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया
पुरानी पेंशन बहाली राष्ट्रीय आंदोलन राजस्थान के द्वारा कार्यालय, स्कूल, ब्लॉक, जिला, संभाग, राज्य स्तर पर समय-समय पर विरोध प्रदर्शन एवं ज्ञापन, धरना आदि दिया जाता रहा साथ ही राजस्थान के विधायकों को ज्ञापन दिया गया। प्रदेशाध्यक्ष कोजाराम सिहाग ने बताया कि विधानसभा में पुरानी पेंशन मुद्दे को उठाने के लिए विस्तार से रिपोर्ट प्रस्तुत की जिसके परिणाम
स्वरूप मुख्यमंत्री ने राजस्थान के कर्मचारियों की समस्या को गहनता से समझा एवम् सामाजिक सुरक्षा पुरानी पेंशन लागू करने का निर्णय लिया है। इस अवसर पर प्रान्ती सचिव महिपाल चौधरी ने गहलोत का धन्यवाद देते हुए कहा कि यह राजस्थान के इतिहास में बहुत बड़ा निर्णय हैं देश में केवल पश्चिम बंगाल में पुरानी पेंशन लागू है।
राजस्थान देश का पहला राज्य है जिसमें नई पेंशन योजना को हटाकर पुरानी पेंशन योजना लागू की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा के बुढ़ापे का सहारा पुरानी पेंशन लागू करना काबिले तारीफ है राजस्थान के कर्मचारी अशोक गहलोत सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर अधिक ऊर्जा से काम करेंगे।
इस अवसर पर प्रदेशाध्यक्ष कोजाराम सिहाग,महिपाल चौधरी, देवेंद्र जाखड़, राजेश कड़ेला, शिव शंकर गोदारा, किशोर पुरोहित, श्रवण पुरोहित, रामनिवास,हुकमाराम ,आनन्द पारीक, छगन मुंड,रणजीत, साजिद पडिहार, धनाराम नैन, गिरधारी,अमित, पृथ्वीराज लेघा, यतीश वर्मा,जगदीश पंचारिया,रंजीश विश्नोई, सतपाल गोदारा,विजयलक्ष्मी, ताराचंद आदि ने उपस्थित होकर धन्यवाद ज्ञापित किया |




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