एनआरसीसी ने स्कूली बच्चों संग मनाया विश्व पर्यटन दिवस
बीकानेर 27 सितम्बर 2022 । भाकृअनुप-राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसन्धान केन्द्र द्वारा आज विश्व पर्यटन दिवस-2022 के उपलक्ष्य पर ‘राजस्थानी संस्कृति में ऊँट’ विषयक विषय-वस्तु (थीम) पर चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें विभिन्न स्कूलों के 55 से अधिक विद्यार्थियों एवं केन्द्र परिवार के बालक-बालिकाओं ने सहभागिता निभाई ।इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में श्री एस.पी.सेमुएल, निदेशक (वर्क्स), भारतीय कृषि अनुसन्धान परिषद, नई दिल्ली ने कहा कि एनआरसीसी द्वारा पर्यटन दिवस के अवसर पर खासकर विद्यार्थियों के लिए रचनात्मक गतिविधि का आयोजन अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे एक परिष्कृत सोच का जन्म होता है जो न केवल बच्चों में कॅरियर की दृष्टि से तीव्रता लाने में एक सहायक हैअपितु वे देश को विविध क्षेत्रों में नई दिशा देने के लिए सक्षम बनते हैं। उन्होंने डॉ. साहू एवं पूरी टीम को अपने पर्यटनीय अधिदेश के अनुरूप सार्थक कार्यक्रम की बधाई संप्रेषित की।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में सिस्टर मेबल, प्राचार्य, सोफिया गर्ल्स सी. सैकण्डरी स्कूल, बीकानेर ने वर्तमान परिप्रेक्ष्य में रचनात्मक गतिविधियों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों में बेहतर कल का निर्माण किया जा सकता है। साथ ही युवा पीढ़ी को चित्रांकन द्वारा जीवन मूल्यों से जोड़ने एवं उनके व्यक्तित्व विकास का सबसे सशक्त माध्यम है ।
केन्द्र निदेशक एवं कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ. आर्तबन्धु साहू ने कहा कि उष्ट्र प्रजाति के संरक्षण एवं विकास हेतु केन्द्र द्वारा अपनी वैज्ञानिक अनुसन्धान गतिविधियों एवं पर्यटनीय सुविधाओं को ऊँट पालको, विद्यार्थियों, आमजन के समक्ष विविध अवसरों पर सतत रूप से प्रचारित-प्रसारित किया जाता है एवं इन सुविधाओं को अद्यतन भी किया जाता है। उन्होंने कहा कि खासकर विश्व पर्यटन दिवस आदि जैसे अवसरों पर विद्यार्थियों में ऊँट प्रजाति के प्रति अभिरूचि विकसित करने के उद्देश्य से विविध रचनात्मक गतिविधियां संचालित की जाती रही है। डॉ.साहू ने कहा कि जो भावना मन-मस्तिष्क को उद्वेलित करती है, उसे चित्र के माध्यम से उकेरना अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे न केवल आपकी बुद्धिमत्ता का विश्लेषण किया जा सकता है बल्कि आगे जाकर यह कॅरियर में भी महत्ती रूप से सहायक होती है ।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि श्री कृष्ण कुमार, उप निदेशक, पर्यटन विभाग, बीकानेर ने कहा कि एनआरसीसी की एक अनुसंधान संस्थान के साथ-साथ पर्यटन स्थल के रूप में भी वैश्विक छवि है तथा केन्द्र ने अपनी नाना विशिष्ट पर्यटनीय गतिविधियों के माध्यम से इसे सिद्ध भी किया है। उन्होंने राजस्थानी संस्कृति में ऊँट के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इस संस्थान की उष्ट्र-पर्यटन (कैमल इको-टूरिज्म) के रूप में प्रतिबद्धता को भी सराहा।
एनआरसीसी द्वारा आयोजित इस चित्रकला प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्रितिका जाटोलिया, प्रार्थना शिक्षण संस्थान, द्वितीय एवं तृतीय स्थान पर क्रमश: विशाल जालाराम बादारिया, रचना धवल, हिमांशु बाल माध्यमिक विद्यालय ने अर्जित किया वहीं प्रोत्साहन पुरस्कार दीपिका मेघवाल, कृष्णा पंडित, काजल गुंसाईवाल, मनिष तंवर, दिव्या दौलिया एवं ऐश्वर्या गहलोत प्राप्त किया। सभी विजेताओं को अतिथियों द्वारा पुरस्कार व केन्द्र परिवार के बालक-बालिकाओं एवं मूल्यांकन कर्त्ताओं के रूप में श्री विनय बेरी एवं मैडम शिविका चौधरी को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।
डॉ.आर.के.सावल, प्रधान वैज्ञानिक एवं कार्यक्रम समन्वयक ने सभी अतिथियों, प्रतिभागी स्कूलों के अध्यापकों एवं विद्यार्थियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया वहीं डॉ.शान्तनु रक्षित, वैज्ञानिक (प्रसार) द्वारा कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई




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