धर्म चन्द सारस्वत संस्थान खारड़ा राजा बल के दरबार मची रे होली।
सिटी एक्सप्रेस न्यूज।खारड़ा ।होली एक ऐसा त्यौहार है जब चारों तरफ रंग ही रंग दिखाई देता हैं और क्षेत्र में इस रंग को सराबोर करने के लिए खारड़ा गांव का नाम सबसे पहले आता है । गांव में शिवरात्रि के मौके से ही डफ बजाने की परंपरा शुरू हो जाती है जो कि धूलंडी फाग के दिन तक चलती है जो कि करीबन एक माह तक गांव के युवा ,बुजुर्ग लोग इस परंपरा को चलाए हुए हैं ।
यह परंपरा गांव में पिछले 5 दशक से चली आ रही है जिसे आज भी गांव के लोग आगे बढ़ रहे है और लोगों का होली के रंग में सराबोर करते हैं । इस बारे में गांव के युवा दामोदर सारस्वत बताते हैं कि गांव के बुजुर्गो ने गांव में इस परंपरा को शुरू किया था जो कि करीब 5 दशक पुरानी बात है । गांव के बड़े बुजुर्गो ने बसंत पंचमी से लेकर के होली व धूलंडी के समापन तक इस परंपरा को शुरू करने का सिलसिला शुरू किया था। उन्होंने बताया कि करीब 5 दशक पहले यह परंपरा गांव में शुरू हुई थी जो लगातार आज भी जारी है जिससे गांव के युवा आज भी निभा रहे हैं, हालांकि कुछ अन्य समाज के लोग भी इस परंपरा को आगे बढ़ाने में अपनी हिस्सेदारी कर रहे हैं जो कि बेहद ही अच्छी बात है।1970 में बजने शुरू हुए थे डफ
1970 से चली आ रही परंपरा गांव में आज भी बखूबी निभाई जा रही है। इस गांव के केदार महाराज,ओमप्रकाश शर्मा,बजरंग तावनिया, जगनाथ सारस्वत,शिवप्रताप सारस्वत, नेमज़ी सारस्वत,पवन सारस्वत, रेवंत कायल, अमित कुमार,आदि लोगों ने इस परंपरा को आगे बढ़ाएं रखा है । अब वर्तमान में इस डफ की परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए होली के रंग को रंगीन करने के लिए गांव के कई युवा होली के गीत गाते हैं और धमाल मचाते है जिससे सुनने के लिए गांव के अनेक लोग रात के समय मुख्य गुवाड़ में आते है। शाम 8 बजे से 11:00 बज तक बजते है डफ होली उत्सव के मौके पर शुरू होने वाले डफ बसंत पंचमी से शुरू होकर होली के अगले दिन फाग तक चलते है।
धमाल-राजा बल के दरबार मची होली, राजा बल राजा बल के दरबार मची होली, खाटू श्याम के गीत,कृष्ण राधा के गीत ,धोलागढ़ में राज , रोजाना होली के अवसर पर गाया जाता है। गांव के के युवा धमाल की मस्ती में खूब नाचते है । इस दौरान होली के गीत ,श्याम बाबा की धमाल, राम भजन ,लक्ष्मण शक्ति भजन सहित देवर भाभी के गीतों पर युवा धमाल मचाते हैं और मस्ती में जमकर नाचते हैं। यह डफ गांव के गुवाड़ में बजाए जाते हैं जहां पर अनेक लोग इनकी ताल को सुनकर भजन सुनने आते हैं धमाल सुनने आते हैं और धूम भी मचाते हैं। धूलन्डी के दिन पूरे गांव में मचाते है धमाल होली के अगले दिन धूलन्डी फांग के मौके पर बजाने वाले युवा पूरे गांव में चंग बजाते हुए रंग गुलाल उड़ाते हुए पूरे गांव की परिक्रमा करते हैं और लोगों को होली के रंग से सराबोर करते हैं और होली की शुभकामनाएं देते हैं । खारड़ा के डफ की धमाल दूर-दूर तक जानी जाती हैं और गांव के युवा डफ प्रतियोगिता में भी शामिल होने के लिए जाते हैं। गांव के युवा सुभाष मोट,पूनमचंद शर्मा, श्याम सुंदर सारस्वत,तेजाराम शर्मा,गणेश सरस्वा ,बनवासी सारस्वत ,दामोदर सारस्वत,मनोज शर्मा ,माणक सारस्वत,श्रवणपंडित,मालचंद ,श्यामलाल शर्मा अंनताराम,रोहित शर्मा,सुभाष कायल ,कालूराम सहित अनेक युवा इस परम्परा हो ओ बढाने में सहयोग कर रहे हैं




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