रविवार 26 मार्च 2023 को कप्तान छुट्टनलाल मीना छात्रावास अलवर में मीटिंग सम्पन्न हुई आदिवासी मीना बालिका होस्टल के लिए 2003 से अभी तक भी नही की जमीन अलॉटमेंट यूआईटी अलवर द्वारा जबकि सभी अन्य सभी समाजो के लिए कर दी गई है जमीन अलॉटमेंट।
अलवर जिला मुख्यालय पर स्थित कप्तान छुट्टन लाल मीना छात्रावास मे रविवार को एक मिटिंग बुलाई गई जिसमे आदिवासी मीना समाज की बालिकाओ के होस्टल के लिए यूआईटी अलवर द्वारा 2003 से अब तक भी जमीन आवंटन नही की गई है जबकि अन्य दूसरे सभी समाज के लिए यूआईटी अलवर द्वारा जमीन आवंटन कर दी गई है जबकि 2003 से ही इसके लिए प्रयासरत है लेकिन फिर भी आदिवासी मीना समाज की लडकियो को शिक्षा के होस्टल सुविधा के लिए जमीन आवंटित नही की गई है। इस दौरान प्रधानमंत्री अवार्ड से सम्मानित बोदनलाल मीना की अध्यक्षता में मीना समाज में व्याप्त कुरीतियां जैसे दहेजप्रथा एवम उनसे बालिकाओं के जीवन पर पड़ने वाले कुप्रभावों पर चर्चा की गई।बालिका की उचित शिक्षा से ही इस कलंक से मुक्ति मिल सकती है। इस हेतु अलवर में आदिवासी बालिका छात्रावास बने और उसके लिए अब तक किये गए प्रयासों पर चर्चा की गई।
यूआईटी अलवर द्वारा सभी समाजो को होस्टल हेतु जमीन आवंटित कर दी गई है लेकिन सिर्फ और सिर्फ मीना समाज बालिकाओं के लिए 2003 से सतत प्रयत्नशील होते हुए भी अब तक भूमि का आवंटन नही करवा सका।
आज भी आदिवासी सेवा संस्थान द्वारा UIT में प्रार्थना पत्र स्वीकृति के इंतजार में लंबित है। बैठक मे संयोजक प्रोफेसर हरिसिंह मीना ने बालिका हॉस्टल की मांग का पुरजोर समर्थन करते हुए समाज से समर्थन की अपील की तथा राजकीय वाणिज्य महाविद्यालय अलवर के प्रोफेसर भागीरथ मीना ने बताया कि किसी भी समाज की उन्नति समाज की महिलाओं के शिक्षा पर निर्भर करती है उन्होंने समाज में व्याप्त कुरीतियों के उन्मूलन के लिए शिक्षा के महत्व पर जोर दिया।अम्बेडकर नगर सोसाइटी के सचिव विक्रम मीना,आदिवासी सेवा संस्थान के पूर्व कोषाध्यक्ष कंवर पाल जी, व्याख्याता पूरन मीना आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए।




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