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ब्रजभूमि कल्याण परिषद ने धूमधाम से मनाया नव संवत्सर, निकाली ध्वज यात्राराष्ट्र प्रथम की अवधारणा ही सबसे बड़ा धर्म डॉ पंकज गुप्ता।


उमेश कुमार मोदी। सिटी एक्सप्रेस न्यूज।अलवर।ब्रजभूमि कल्याण परिषद के तत्वाधान में परिषद के कार्यकर्ताओं ने ऐतिहासिक सागर से बाला किला तक केसरिया ध्वज यात्रा निकाल के नव वर्ष हिंदू नव वर्ष नव संवत्सर विक्रम संवत 2080 का उद्घोष किया परिषद के कार्यकर्ता भारत माता की जय घोष के साथ ऊर्जा के साथ पदयात्रा करते हुए सागर से किशन कुंड होते हुए धौली छतरी माता पर पहुंचे जहां पर व्यवस्थापक भारत शर्मा के साथ धौली माता की पूजा की और जयघोष के नारे लगाए सब को नव संवत्सर की शुभकामनाएं प्रेषित की, इसके बाद परिषद के कार्यकर्ता डॉ पंकज गुप्ता के नेतृत्व में चक्रधारी हनुमान जी पहुंचे वहां पूजा अर्चना की और केसरिया ध्वज का जयघोष के साथ हनुमान जी के चरणों में प्रस्तुत किया यहां से परिषद के कार्यकर्ता बाला किला मंदिर पहुंचे और वहां पर भी जयघोष के साथ केसरिया ध्वज माता के चरणों में अर्पित किया और राष्ट्र राज्य और अलवर की शांति सद्भावना विकास और सुरक्षा हेतु पूजा अर्चना की इस मौके पर ब्रजभूमि कल्याण परिषद के राष्ट्रीय संयोजक डॉ पंकज गुप्ता के अलावा जिलाध्यक्ष कैप्टन उमराव लाल सैनी, गीता परिवार के जिलाध्यक्ष अश्विनी जावल, प्रेम प्रकाश शर्मा, हरिराम शर्मा, मनोज कुमार शर्मा, नितेंद्र चौधरी, मोहित चौधरी, प्रदीप कुमार सैनी, अजय कुमार, सौरभ, बाला किला हाई किंग क्लब के केके शर्मा, मोहित, नेहा, अमित, गौरव, डॉ कांति प्रसाद एवं दर्जनों की संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे इस मौके पर बोलते हुए ब्रजभूमि कल्याण परिषद के राष्ट्रीय संयोजक डॉ पंकज गुप्ता ने कहा राष्ट्र प्रथम की अवधारणा सबसे बड़ा धर्म है और परिषद इन्हीं राष्ट्रप्रेम की अवधारणा को लेते हुए आगे बढ़ रही है और इस संदेश को जन जन तक पहुंचा रही है, हमारा जो हिंदू नव वर्ष है यह उस दिन से चल रहा है जिस दिन सृष्टि की रचना हुई थी और यह ब्रह्मांड के सिद्धांतों पर आधारित है काल गणना के अनुसार है, बाकी जितने भी अलग-अलग मान्यताओं के अनुसार नव वर्ष मनाए जाते हैं वह ब्रह्मांड के सिद्धांतों के अनुसार नहीं है और कोई भी दिन से उन्होंने कैलेंडर प्रारंभ कर दिया जबकि भारतीय नव वर्ष ज्योतिष के सिद्धांत के अनुसार है ब्रह्मांड के सिद्धांत के अनुसार है, वैज्ञानिक रूप से सत्य सनातन है.

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