सम्यक दर्शन कार्यशाला कार्यशाला का शुभारंभ मेघराज तातेड भवन में आयोजित हो रही है कार्यशाला।
सरदारपुरा।अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद और समण संस्कृति संकाय लाडनूं के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित सम्यक दर्शन कार्यशाला का स्थानीय स्तर पर तेयुप सरदारपुरा द्वारा आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यशाला में प्रथम दस प्रतिभागियों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाता है।कार्यशाला संयोजक विकास चौपड़ा ने बताया स्थानीय स्तर पर यह कार्यशाला 21 अगस्त 2022 तक चलेगी, जिसमें साध्वी श्री द्वारा पुस्तक का अध्ययन कराया जायेगा। इसकी परीक्षा 10 सितम्बर को ऑनलाइन माध्यम से आयोजित होगी। कार्यशाला में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को तेयुप सरदारपुरा द्वारा स्थानीय स्तर पर भी सम्मानित किया जायेगा।
कार्यशाला का शुभारंभ इसी अवसर पर इस 15 दिवसीय सम्यक दर्शन कार्यशाला का शुभारंभ मेघराज तातेड भवन, सरदारपुरा में साध्वी श्री कुंदन प्रभा जी के सान्निध्य में हुआ।
साध्वी श्री विद्युत प्रभा जी ने उपस्थित प्रतिभागियों को प्रथम दो अध्याय का अध्ययन कराया और संबंधित जिज्ञासा का समाधान किया। साध्वी श्री ने विस्तार से राजा प्रदेशी के जीवन विकास की भूमिकाओ को बताया कि कैसे एक नास्तिक राजा, आचार्य केशी से शिक्षा पाकर आस्तिक बना। कैसे एक हिंसक और क्रूर राजा समता को अपनाकर बारहव्रती श्रावक बना।
क्रूर और हिंसक से समतावान बनने में चेतना के उर्ध्वारोहण के अद्भुत घटना को आचार्य श्री महाप्रज्ञ जी ने बहुत ही सरल और सुंदर तरिके से प्रस्तुत किया है।
साध्वी श्री जी ने इस अवसर पर फरमाया कि यह कार्यशाला आचार्य श्री महाप्रज्ञ की अनुपमेय कृति "शरीर और आत्मा" पुस्तक पर आधारित है। जिससे अध्ययन से आध्यात्मिक ज्ञान का विकास होगा। समाज के सभी वर्ग को इस कार्यशाला में भाग लेना चाहिये।
इस अवसर पर तेयुप अध्यक्ष कैलाश जैन, मंत्री मिलन बांठिया, कार्यशाला समन्वयक श्रीमती सविता तातेड़ सहित सभी वर्ग के लगभग 50 से अधिक सदस्यों की उपस्थिति रही।




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