इको फ्रेंडली गणेश का पार्थिव स्वरूप का विसर्जन किया।
बीकानेर। गणेश चतुर्थी के दिन स्थापित किए गणेश जी का पार्थिव स्वरूप अगले ही दिन यानी कि डेढ़ दिन बाद भी विसर्जन किया जा सकता है । गणेश पूजा करने के बाद प्रतिमा को अगले पहर दोपहर के बाद इसीलिए इसे डेढ़ दिन के बाद विसर्जन कहा जाता है कुछ लोग तीन दिन 5 दिन 7 दिन और अनंत चतुर्दशी तक अधिकांश सभी जगह पर विसर्जन कर दिया जाता है।




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