बीकानेर तहसील के ग्रामीण इलाकों में झमाझम बरसात से किसानों के चेहरे खिले।
बीकानेर,दामोदर सारस्वत । रविवार सुबह से बीकानेर तहसील के ग्रामीण क्षेत्रों में झमाझम बारिश का दौर जारी रहा। बादलों की गर्जना और तेज बरसात ने खेत-खलिहानों को तर-बतर कर दिया। ग्रामीण अंचल के कई गांवों में जोरदार बारिश हुई, जिससे किसानों के चेहरे खिल उठे।
बारिश का सर्वाधिक असर शेरेरा, हेमेरा, रूणिया बड़ाबास, राजेरा, खारड़ा, करनीसर, कतरियासर, बंबलू, नोरंगदेसर, तेजरासर, गुंसाईसर, सेरूणा, पूनरासर खारी, कूजटी, सहजरासर, राजपुरा सहित आसपास के गांवों में देखा गया। इन गांवों में सुबह से ही रुक-रुककर तेज बारिश होती रही, जिससे खेतों में पानी भर गया और वातावरण शीतल हो गया।
काफी समय से बारिश नहीं होने के कारण किसानों की खरीफ फसलें चौपट होने लगी थीं। बारानी खेत तो पहले ही सूखेपन का शिकार हो चुके थे, वहीं सिंचित भूमि पर मूंगफली जैसी फसलें भी लाइट की अघोषित कटौती और बरसात की कमी से खराब होने की कगार पर थीं। किसान चिंता में डूबे हुए थे।
आज हुई इस जोरदार बरसात से किसानों की उम्मीदें फिर से जाग उठी हैं। खेतों में नमी बढ़ने से फसलें बचने की आस जगी है। किसानों का कहना है कि यदि आगामी दिनों में इसी प्रकार की बरसात होती रही तो खराब हो रही मूंगफली सहित अन्य फसलें भी सँभल जाएंगी और पैदावार में सुधार आएगा।
गांवों में जगह-जगह लोग बारिश का आनंद लेते दिखे। बच्चे पानी में खेलते नजर आए तो बुजुर्गों ने इसे ईश्वर की कृपा बताते हुए राहत की सांस ली।ग्रामीणों के अनुसार यह बरसात अब तक की सबसे अच्छी बरसात रही है, जिससे जमीन की प्यास बुझ गई है और खेतों में नई जान लौट आई है।




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