पहचान की एकरूपता, कमलाराम बने आशाराम, अब मिल सकेगा विभिन्न योजनाओं का लाभ अभियान के लिए मुख्यमंत्री का जताया आभार।
बीकानेर, 17 सितंबर। सेवा पखवाड़े के अंतर्गत नोखा के ग्राम हिंयादेसर में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर के दौरान आशाराम का जमाबंदी में गलत दर्ज नाम (कमलाराम) सही कर उसे राहत दी गई।आशाराम ने बताया कि नाम की प्रविष्टि में इतनी भिन्नता से न केवल दस्तावेजों में भ्रम पैदा हुआ, बल्कि सरकारी योजनाओं और ऋण सुविधाओं से वंचित रहना पड़ा।
शिविर प्रभारी ने बताया कि कम साक्षर होने के कारण आशाराम को इस समस्या के बारे में पता ही नहीं चला। कुछ दिन पूर्व जब हल्का पटवारी के पास कृषि कार्य से संबंधित जमाबंदी की नकल लेने आए, तो पटवारी ने इस गलत प्रविष्टि के बारे में बताया। साथ ही आगामी दिनों में होने वाले ग्रामीण सेवा शिविर में इस समस्या को सही करने का आश्वासन भी दिया।
आसाराम ने बुधवार को हिंयादेसर में आयोजित शिविर में अपनी समस्या बताई। सहायक शिविर प्रभारी एवं तहसीलदार चन्द्रशेखर ने तुरंत हल्का पटवारी से भू-राजस्व अधिनियम, 1956 धारा 136 के तहत शुद्धि प्रस्ताव तैयार करवा कर शिविर प्रभारी एवं उपखण्ड अधिकारी गोपाल जांगिड से समक्ष प्रस्तुत किया। उपखण्ड अधिकारी द्वारा सरपंच, ग्रामीणजनों एवं राजस्व रिकॉर्ड अनुसार जांच कर, प्रार्थी को तुरंत राहत देते हुए कमलाराम की जगह जमाबंदी में नाम आशाराम करने का आदेश दिया।
आशाराम ने मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि गलत प्रविष्टि के कारण होने वाले नुकसान की चिंता और अनिश्चितता अब खत्म हो गई है। उन्हें अब न सिर्फ अपनी जमीन पर अधिकार मिला। साथ ही सरकारी योजनाओं जैसे पीएम किसान सम्मान निधि, फार्मर रजिस्ट्री, किसान क्रेडिट कार्ड का लाभ भी प्राप्त होगा।




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