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ऐतिहासिक स्त्रोतों को पढनें में कृत्रिम बुद्धिमता के उपयोग पर शोध पत्र l

जोधपुर lराजस्थान इतिहास का 39वां वार्षिक अधिवेशन दिनंाक 15-16 दिसम्बर को मेहरानगढ़ दुर्ग जोधपुर के चोकेलाव सभागार में आयोजित हुआ। भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद, दिल्ली एवं महाराजा मानसिंह पुस्तक प्रकाश शोध संस्थान, जोधपुर के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित इस अधिवेशन में डा. नितिन गोयल, वरिष्ठ अनुसंधान अधिकारी द्वारा राजस्थान इतिहास स्त्रोतों के अध्ययन में ए.आई. के प्रयोग एवं चुनौतियों विषय पर अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया। इस पत्र में उन्होनें राजपूताना के हस्तलिखित ऐतिहासिक स्त्रोतों के डिजिटाईज प्रारुप पर ए.आई (कृत्रिम बुद्धिमता) उपयोग द्वारा उनके अध्ययन में आने वाली प्रकियाओं एवं चुनौतियों पर प्रकाश डाला। अधिवेशन में देश के अन्य राज्यों से आये हुये इतिहासविदो ने भी भाग लिया। अधिवेशन का मुख्य उदोवधन भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के अध्यक्ष पदमश्री प्रो. रघुवेन्द्र तवंर ने वर्ष 1947 में जम्मू कश्मीर के अधिग्रहण पर दिया। दो दिवसीय अधिवेशन के समापन समारोह की अध्यक्षता महाराजा गजसिंह, जोधपुर ने की। अधिवेशन में प्रतिवर्ष इतिहास में प्राप्त नई खोजों को इतिहासकर्ताओं द्वारा प्रदर्शित किया जाता है।

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