ब्रेकिंग न्यूज़

बीकानेर की रिपोर्ट, पश्चिमी संस्कृति में पुष्पित भारतीयता का अनुग्रह का कमल है स्वामी महामंडलेश्वर स्वामी ज्ञानेश्वर पुरी l

बीकानेर lमहामंडलेश्वर स्वामी ज्ञानेश्वर पुरी जी बीकानेर प्रवास पर आए जो की महानिर्वाणी अखाड़े के भारतीय संस्कृति को पूरे विश्व में प्रसारित करने वाले महामंडलेश्वर विश्व गुरु परमहंस स्वामी महेश्वरानंद पुरी जी के सुपात्र शिष्य हैं आपने सबसे पहले बीकानेर में आकर बीकानेर की ऋषि परंपरा के जीवंत मूर्ति विश्व प्रसिद्ध यज्ञ आचार्य श्री नथमल जी का दो बार सानिध्य प्राप्त किया परम पूज्य नथमल जी ने ज्ञानेश्वर जी के बारे में यही कहा कि हम लोगों को तो भारतीय संस्कृति और भारतीय जीवन और भारतीय नागरिकता वास्तव में जन्म के साथ मिल गई जिसकी कीमत कोई समझे तो वह कहां से कहां पहुंच सकता है लेकिन इन स्वामी जी ने भारतीयता को प्राप्त करने के लिए बहुत बड़ी कीमत चुकाई है कोई भी उनकी बराबरी नहीं कर सकता इन्होंने न केवल देश कपड़े खान-पान संस्कृति यहां के आध्यात्मिकता के प्रेम में गुरु प्रेम में जन्मभूमि  छोड़ दी बल्कि इन्होंने अपने संस्कारों को अपने समस्त अतीत को भी आहुति देकर भगवान के चरणों में अर्पित कर दिया है उनकी बराबरी करना बहुत मुश्किल कार्य है ,बीकानेर प्रवास के दौरान स्वामी ज्ञानेश्वर पुरी जी ने दक्षिणामूर्ति आश्रम में अभिषेक के द्वारा सर्व मंगल की कामना की विश्व प्रसिद्ध ज्योतिषी श्री राजेंद्र जी ब्यास ममू महाराज से घर जाकर  शिष्टाचार भेंट करी ज्योतिष की वैज्ञानिकता पर गहन चर्चा की  एवं मानव चेतना जागृति प्रन्यास स्थित अंत्योदय नगर में अपनी आध्यात्मिक वाणी से उपनिषदों के संदेश को सारगर्भित रूप में आज की युवा पीढ़ी को समझाया उसके बाद में मृत्युंजय महादेव मंदिर में भजन संध्या का आयोजन किया गया जो की मोनी बाबा की तपोभूमि ब्रह्म सागर के रूप से विख्यात है कार्यक्रम में श्री युगल नारायण रंगा ने गणेश वंदना और गुरु महिमा के भजन गाए श्रीमती प्रभा किराडू उत्तम किराडूजी ब्रह्मानंद और सूरदास जी के भजन गाए इस अवसर पर प्रसिद्ध संगीत संयोजन और संगीतकार श्री दामोदर जी तंवर और चित्रकार श्री मोना सरदार डूडी जी ने भी भजनों की प्रस्तुति देकर मूल रूप से यूरोप के महामंडलेश्वर स्वामी जी का हृदय जीत लिया स्वामी जी का यह प्रवास उनका पूरा बीकानेर के रंग से भिगो दिया और उन्होंने कहा कि अब मैं भी बीकानेरी हूं और बीकानेर के प्रसिद्ध पत्रकार अरविंद व्यास विजय कपूर और कर्मकांड मर्मज्ञ श्री अशोक महाराज और अशोक जी ब्रह्म सागर के पंडित जी इस अवसर पर लोगों को बीकानेर की आध्यात्मिक परंपरा के बारे में एक बार फिर परिचय कराया कि यह धारा इतनी मजबूत है कि देश-विदेश से आज भी भारत में कोई भी आता है तो उसका मूल कारण यहां का अध्यात्म है यहां की तपस्या और त्याग है lअंत में महामंडलेश्वर स्वामी ज्ञानेश्वर पुरी जी ने भी गुरु महिमा पर भजन गया और अपने अध्यात्म में यात्रा से उपस्थित भक्तगणों को यह बताया कि भारत का अध्यात्म अपने आप में इतना शक्तिशाली है कि वह केवल भारत में 15 दिन के लिए आए थे और आज 28 वर्ष हो गए अब उन्हें लगता ही नहीं कि वह कहीं और के हैं भारत ही उनकी पहचान है भारत ही उनकी आत्मा है और भारत की गरिमा ही उनका स्वयं का आत्म सम्मान है l
*आचार्य राजेंद्र जोशी* 
*मानव चेतना जागृति प्रन्यास* 9001180666

No comments