कोरोना विजय के बाद अब कोविड टीकाकरण व मातृ शिशु स्वास्थ्य पर पुनः ध्यान करें केन्द्रित: मेहता 8 नवीन ऑक्सीजन प्लांट का कार्य तय समय में होगा पूरा जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में स्वास्थ्य योजनाओं की हुई समीक्षा
बीकानेर, 30 जून। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर पर लगाम लगाने के बावजूद सैंपलिंग, स्क्रीनिंग, सर्वे व कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की गतिविधियां मौजूदा स्तर पर जारी रखी जाए और ज्यादा से ज्यादा संख्या में टीकाकरण सत्र आयोजित कर अधिकाधिक आमजन को प्रतिरक्षित कर लिया जाए। लेकिन इस बीच मातृ शिशु स्वास्थ्य पर भी पूरा ध्यान दिया जाए और मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ देने में ना हो कोई कोताही।
यह कहना था जिला कलेक्टर नमित मेहता का, वे बुधवार को यूआईटी सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने पहली और दूसरी लहर के विरुद्ध विभाग के प्रदर्शन की जमकर तारीफ की और संभावित तीसरी लहर से लड़ने की तैयारियों का जायजा लिया।
क्लोरीनेशन के निर्देश दिए।आरसीएचओ डॉ राजेश कुमार गुप्ता ने कोविड टीकाकरण व मातृ शिशु स्वास्थ्य सम्बन्धी गर्भवतियों की 4 बार एएनसी जांच, संस्थागत प्रसव, बच्चों का टीकाकरण आदि 5 बिंदु समीक्षा प्रस्तुत की। डॉ नवल किशोर गुप्ता ने मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा योजना जबकि डॉ सीएस मोदी ने सिलिकोसिस से सम्बन्धी प्रगति रिपोर्ट से सदन को अवगत करवाया। यूएनडीपी के संभागीय कार्यक्रम अधिकारी योगेश शर्मा ने को-विन तथा इ-विन सोफ्टवेयर से सम्बंधित नए अपडेट्स पर जानकारी दी वहीँ विश्व स्वास्थ्य संगठन के डॉ अनुरोध तिवारी ने बच्चों के टीकाकरण व पोलियो के लिए एएफपी सर्विलेंस पर प्रेजेंटेशन दी।मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ देने में कोताही पर होगी सख्त कार्यवाही जिला कलक्टर नमित मेहता ने मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना को वर्तमान सरकार की बेहतरीन फ्लैगशिप योजना बताते हुए इसके प्रबंधन पर फोकस करने के निर्देश दिए। डीपीएम सुशील कुमार ने अब तक शून्य उपलब्धि वाले संस्थानों की जानकारी दी तो कलक्टर ने स्पष्ट किया कि चिरंजीवी योजना का लाभ अधिकाधिक आम जन को दिया जाए, इसमें किसी भी प्रकार की कोताही होने पर सुनिश्चित रूप से विभागीय कार्यवाही अमल में लाइ जावेगी।
दिव्यान्गों को जल्द से जल्द जारी होंगे सर्टिफिकेट
मेहता ने दिव्यान्गों को डिसेबिलिटी सर्टिफिकेट के कार्य में 15 हजार से ज्यादा की पेंडेंसी को गंभीरता से लेते हुए पीबीएम व पेरीफरी स्तर पर इसे मिशन मोड पर निपटाने के निर्देश दिए। बैठक में फिजिकल मेडिसिन विभाग के प्रभारी डॉ रजनीश शर्मा ने स्पष्ट किया कि विजिबल डिसेबिलिटी जैसे नेत्र, लोकोमोटर, मेंटल आदि से सम्बंधित सर्टिफिकेट सीएचसी-पीएचसी स्तर से अग्रेसित कर सीएमएचओ स्तर से जारी किए जाएंगे तभी उक्त पेंडेसी मिट पाएगी।











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