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भ्र्ष्टाचार के खिलाफ उठाई आवाज़ तो उपसरपंच को ही मिल गयी धमकी,सौंप ज्ञापन

 

हर 5 वर्ष बाद पंचायतीराज के चुनाव होते है उसमें कई वादे होते है लेकिन पूरा एक भी नहीं होता सिर्फ और सिर्फ भ्र्ष्टाचार को बढ़ावा दिया जाता है जब भष्टाचार के खिलाफ आवाज़ उठाई जाती है तो आवाज़ उठाने वालों को डराया और धमकाया जाता है और उसकी आवाज को दबाने के लिये लाखों कोशिशें की जाती है जो वर्तमान समय मे बराला ग्राम पंचायत के उपसरपंच अकबर शेख के साथ हो रहा है।

ये है पूरा मामला मामला पूगल तहसील की ग्राम पंचायत बराला का है जहां 50-50 पर महात्मा गांधी नरेगा योजना का कार्य चल रहा है। पेमेंट की आधी राशि मजदूर से वसूली जा रही है और जब किसी मजदूर के द्वारा खाने पीने के समान की अनुपलब्धता के चलते 50% राशि सरपंच और ग्राम विकास अधिकारी की मिलीभगत को भुगतान न करने के कारण अगले मस्ट्रोल में मजदूर को रोजगार से वंचित रखा जाता है।
आवाज़ उठाई तो मिल गयी धमकी ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार जब मजदूर और गरीब के हक के लिए हमेशा लड़ने वाले बराला ग्राम पंचायत के उपसरपंच अकबर शेख ने आवाज़ उठाई।और ग्राम विकास अधिकारी को कॉल किया तो शराब के नशे में चेलेंज कर दिया गया और कहा कि आपका पढ़ाई का टाइम है आप पढ़ाई करो आपको जो करना है करो, जहां शिकायत करनी है करो। 
करवाई रिपोर्ट दर्ज जब अकबर शेख ने कहा कि मैं गरीबों की आवाज़ को दबने नहीं दूंगा तो सरपंच और ग्राम विकास अधिकारी ने धमकाते हुए उपसरपंच के खिलाफ छतरगढ़ थाना में रिपोर्ट दर्ज करवा दी और मिली भक्त का कहना है कि जो ज्यादा उछल कूद करेगा वो सलाखों के पीछे जगर आएगा।
जिला परिषद और कलेक्टर को दिया ज्ञापन जब इस बात का पता ग्रामीणों को चला कि एक पंचायत का प्रमुख व्यक्ति लोगों का समझौता करवाने की बजाय हक के लिए लड़ने वालों के खिलाफ थाना में रिपोर्ट दर्ज करवाएंगे तो गांव का क्या होगा इस बात से ग्रामीण काफी गुस्से में है और रोष जताते हुए मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला बीकानेर और जिला कलेक्टर बीकानेर को ज्ञापन सौंपा।









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