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एनआरसीसी ने ज्वलंत समस्या को लेकर मनाया चिकित्सक दिवस

 

बीकानेर 01 जुलाई 2021 । आज राष्ट्रीय चिकित्सा दिवस के महत्वपूर्ण अवसर पर भाकृअनुप-राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केन्द्र द्वारा एक वर्चुअल बैठक का आयोजन किया गया। ‘‘कोरोना वायरस से बचाव के उपाय एवं तीसरी लहर की आशंका (Measures to be taken to avoid corona virus and prospects of third wave)‘‘ विषय पर आयोजित इस बैठक में अतिथि वक्ता के रूप में डॉ. जितेन्द्र सिंह मक्कड़, निदेशक, इटरनल हॉस्पीटल, जयपुर ने बतौर विषय विशेषज्ञ के रूप में व्याख्यान प्रस्तुत किया। अध्यक्षता केन्द्र निदेशक डॉ.आर्तबन्धु द्वारा की गई।
डॉ. जितेन्द्र सिंह मक्कड़ ने इस दिवस पर आयोजित महत्वपूर्ण परिचर्चा हेतु सर्वप्रथम केन्द्र निदेशक डॉ. आर्तबन्धु साहू को बधाई दीं तथा कहा कि कोविड-19 के इस दौर को एक सबक के रूप लेते हुए इसकी रोकथाम हेतु सभी स्तर के लोगों को वेक्सीनेशन के प्रति विशेष रूप से जागरूक व प्रेरित करना होगा।
डॉ.मक्कड़ ने कोरोना वैश्विक महामारी के संबंध में चेताया कि हमें अभी भी सामाजिक दूरी, मास्क, स्वच्छता आदि पहलुओं को अनिवार्य तौर पर लेना होगा तथा शादी समारोह आदि पर होने वाली भीड़भाड़ से भी बचना चाहिए। उन्होंने कोरोना को स्वास्थ्य से जोड़ते हुए बताया कि इसे नियंत्रित करने के लिए प्रतिरक्षा प्रणाली (इम्युनिटी सिस्टम) का बहुत महत्व है, अतः संपूर्ण मानव जाति के कल्याण हेतु हम सभी को अच्छे स्वास्थ्य (फिटनेस) पर विशेष ध्यान देना होगा। 
डॉ. मक्‍कड़ ने मधुमेह, बी.पी. रोगियों के लिए इस दौर में चिकित्सकीय परामर्श को तरजीह देने पर जोर दिया साथ ही कोवैक्सीन व कोविशील्ड दोनों के अलग-अलग महत्व को भी स्पष्ट किया। वक्ता ने इस महामारी की तीसरी लहर में आवश्‍यक संसाधनों/सुविधाओं हेतु की जा रही पूर्व तैयारियों पर भी प्रकाश डाला। विषय विशेषज्ञ द्वारा परिचर्चा में भाग ले रहे प्रतिभागियों की कोरोना वायरस संबंधित विभिन्न जिज्ञासाओं का उचित निराकरण प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर केन्द्र के निदेशक एवं कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ.आर्तबन्धु साहू ने राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के इस मौके पर कहा कि कोरोना महामारी के प्रति आमजन में जागरूकता लाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने राष्ट्र के प्रति अपने दायित्व का निर्वहन करना चाहिए। केन्द्र द्वारा भारत सरकार, परिषद एवं राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर कोविड-19 के संबंध में जारी दिशा-निर्देशों की पूर्णतया अनुपालना की जा रही है साथ ही अधिकारियों एवं कर्मचारियों को केन्द्र स्तर पर वैक्सीनेशन हेतु भी प्रेरित किया गया है। 
उन्होंने वैक्सीनेशन की क्रियान्विति के बारे में भी सदन को अवगत करवाया। परिचर्चा का उद्देश्‍य स्पष्ट करते हुए डॉ.साहू ने कहा कि यह संस्थान एक अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त अनुसंधान केन्द्र है। इस दृष्टिकोण से यह महत्व का प्रश्‍न है कि न केवल पशुओं बल्कि मानव जाति के स्वास्थ्य से जुड़े सामयिक समस्याओं के प्रति भी यथासंभव ध्यान दिया जाना अपेक्षित है। उन्होंने कोरोना वायरस के दौर में चिकित्सकों द्वारा दी जा रही समर्पित सेवा की भी भूरि-भूरि प्रशंसा की।
केन्द्र द्वारा नेशनल डॉक्टर्स डे पर रखी गई इस परिचर्चा में केन्द्रीय शुष्क बागवानी संस्थान, बीकानेर के डॉ.पी.एल.सरोज, केन्द्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान, बीकानेर के प्रभागाध्यक्ष डॉ. एच.के.नरूला, केन्द्र के प्रधान वैज्ञानिक डॉ.आर.के.सावल, डॉ.सुमन्त व्यास, डॉ.राकेश रंजन आदि ने भी अपने विचार रखें। परिचर्चा में केन्द्र के अलावा अन्य संस्थानों एवं केन्द्रों के वैज्ञानिकों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं उनके परिजनों ने भी शिरकत कीं। केन्द्र के श्री दिनेश मुंजाल, सहायक मुख्य तकनीकी अधिकारी द्वारा सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया गया।

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